प्रधान के इस्तीफे पर जश्न, लेकिन सोनम वांगचुक का नाम तक नहीं लिया! CJP चीफ अभिजीत दीपके का 'विजय भाषण' विवादों में

Amanat Ansari 25 Jul 2026 05:51: PM 1 Mins
प्रधान के इस्तीफे पर जश्न, लेकिन सोनम वांगचुक का नाम तक नहीं लिया! CJP चीफ अभिजीत दीपके का 'विजय भाषण' विवादों में

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धरमनेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जानतर मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से जीत का ऐलान तो कर दिया, लेकिन उस भाषण में एक नाम गायब रहा, सोनम वांगचुक. वहीं, जिस 26 दिन के अनशन ने इस आंदोलन को एक छोटे प्रदर्शन से बड़े जन आंदोलन में बदल दिया, उसी कार्यकर्ता को दीपके ने धन्यवाद देना भी जरूरी नहीं समझा.

शनिवार को प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ''मुझे हीरो मत बनाओ. देश बर्बाद इसलिए हुआ है क्योंकि हम एक व्यक्ति को हीरो बनाते रहते हैं.'' उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप सरकार के सामने नहीं झुकेंगे तो कोई भी इस्तीफा दे सकता है. यह लोकतंत्र है. लेकिन सवाल उठ खड़ा हुआ कि दीपके ने अपनी जीत के भाषण में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र क्यों टाल दिया?

सोनम वांगचुक की भूमिका

  • 28 जून को वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की.
  • उनके कमजोर होते शरीर और लगातार अनशन ने लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर खींचा.
  • अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने संदेश दिए और 20 जुलाई की संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की.
  • उनकी हड़ताल ने पूरे देश में I Support Sonam अभियान छेड़ दिया.

वांगचुक गुरुवार रात को 26 दिन के अनशन के बाद यूनियन मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के आश्वासन पर भूख हड़ताल तोड़ चुके हैं और फिलहाल गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती हैं. CJP के इस रुख पर कई लोगों ने आश्चर्य जताया है क्योंकि शुरुआती दिनों में वांगचुक ही उन गिने-चुने बड़े नामों में शामिल थे जिन्होंने युवाओं का साथ दिया था. अभी आंदोलन जारी है.

Sonam Wangchuk CJP Chief Abhijit Dipke Dipke victory speech Abhijit Dipke controversy

Recent News