बेंगलुरु: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की 7 सीटों के चुनाव में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की रणनीति काम आई. कांग्रेस ने जहां केवल 4 सीटें आसानी से जीतने की उम्मीद थी, वहां 5 सीटें हासिल कर लीं. भाजपा को 2 सीटें मिलीं, जबकि जेडीएस का उम्मीदवार हार गया. सभी 222 विधायकों ने मतदान किया. कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद पांचवीं सीट पर जीत दर्ज हुई.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा से निकाले गए दो विधायकों एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार ने क्रॉस वोटिंग कर कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन दिया. दोनों विधायकों ने खुलकर कहा कि उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उनसे संपर्क किया और रिसॉर्ट में बैठक के लिए बुलाया.
परिणाम
डीके शिवकुमार का बयान
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने क्रॉस वोटिंग की किसी भी रणनीति से इनकार किया. उन्होंने कहा, ''हमने कोई खास रणनीति नहीं अपनाई. विधायक समझदार हैं, वे अपनी अंतरात्मा के अनुसार वोट देते हैं.''
यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि विधान परिषद के 7 सदस्यों का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा था. कांग्रेस अब विधान परिषद में अपनी ताकत बढ़ाकर 42 सीटों तक पहुंच गई है. यह नतीजा डीके शिवकुमार की कुशल नेतृत्व क्षमता और विपक्षी दलों में दरार का प्रतीक माना जा रहा है. भाजपा और जेडीएस दोनों ही क्रॉस वोटिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं.