Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) से पहले राज्य पुलिस के नेतृत्व में बड़ा फेरबदल करते हुए चुनाव आयोग (Election Commission) ने सोमवार को सिद्ध नाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया. वे पीयूष पांडे की जगह लेंगे. आयोग ने कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला भी किया और इन पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की.
आयोग के निर्देश के अनुसार, जिसके एक दिन पहले ही राज्य में चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई थी, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (DG & IGP) नियुक्त किया गया है.
वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता पुलिस आयुक्त बनाया गया है, जो सुप्रतीम सरकार की जगह लेंगे.
इसी तरह, नटराजन रमेश बाबू को राज्य में सुधार सेवाओं (Correctional Services) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि अजय मुकुंद रानडे को कानून-व्यवस्था (Law and Order) का अतिरिक्त महानिदेशक एवं महानिरीक्षक बनाया गया है.
आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव समाप्त होने तक किसी भी चुनाव-संबंधित पद पर नहीं लगाया जाए.
आयोग ने सरकार को यह भी कहा है कि ये नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू की जाएँ और दोपहर 3 बजे तक यह पुष्टि करने वाला अनुपालन रिपोर्ट (Compliance report) भेजा जाए कि नए अधिकारी पदभार ग्रहण कर चुके हैं.
नया मुख्य सचिव नियुक्त
पुलिस नेतृत्व में बदलाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने दुष्यंत नरियाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त करने का आदेश दिया था. वे नंदिनी चक्रवर्ती की जगह लेंगे. आयोग ने स्पष्ट किया कि चक्रवर्ती को किसी भी चुनाव-संबंधित काम से दूर रखा जाए. रविवार रात राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग ने संघमित्रा घोष को गृह एवं पहाड़ी मामलों (Home and Hill Affairs) की प्रधान सचिव के रूप में भी नियुक्त करने का निर्देश दिया.
आयोग ने कहा कि इन दो अधिकारियों को हटाने का फैसला राज्य की चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद लिया गया. राज्य में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे तथा मतगणना 4 मई को होगी. त्रिणमूल कांग्रेस सरकार और चुनाव आयोग के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन और बूथ-स्तरीय अधिकारियों के मानदेय जैसे कई मुद्दों पर लगातार विवाद चल रहा है.