बिहार से एक पूर्व मुखिया की कारिस्तानी का अजीब मामला सामने आया है. वहीं पूर्व मुखिया के इस कारनामे को जो भी सुन रहे हैं, हैरान रह जा रहे हैं, क्योंकि गांववालों से वोट नहीं मिलने पर पूर्व मुखिया ने अपने द्वारा ही बनाई गई सड़क को तोड़कर तहस-नहस कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि जब उन्हें पता चला कि चुनाव में गांववालों ने वोट नहीं दिया तो बदला लेने के लिए अपनी ही बनाई सड़क को तोड़कर बर्बाद कर दिया. वहीं शिकायत मिलने पर स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रही है.
ग्रामीणों ने एकट्ठा होकर जिलाधिकारी से पूर्व मुखिया की शिकायत की है. जिलाधिकारी ने आश्वान दिया है कि जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सक्त कार्रवाई की जाएगी. जबकि सड़क टूट जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती हुई दिख रही है. पूर्व मुखिया के इस कारिस्तानी को देख कर लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया है. पूरा मामला जहानाबाद के सदर प्रखंड के नौरु पंचायत का बताया गया है.
मीडिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि यहां पूर्व मुखिया नागेंद्र उर्फ छोटन यादव ने वोट नहीं देने पर सिबल बीघा गांव की सड़क को तोड़ दिया है, क्योंकि चुनाव से पहले उन्होंने ही इस सड़क की सोलिंग करवाई थी, लेकिन यहां के लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया और वे चुनाव हार गए. जानकारी मिली है कि इसी सोलिंग वाली सड़क की वर्तमान मुखिया बिहारी यादव पीसीसी कराना चाहते थे, लेकिन पूर्व मुखिया को यह काम नागवार गुजरा और उसने बदला लेने के लिए सोलिंग को उखाड़ दिया.
बाद में परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की तो जिलाधिकारी ने जांच का आदेश दे दिया. वहीं मामले की जांच बीडीओ अनिव मिस्त्री कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि सीआईए को जांच का जिम्मा सौंप दिया गया है और जल्द रिपोर्ट देने की मांग की गई है. उधर वर्तमान विधायक ने कहा है कि उक्त सड़क उनके ही जमीन पर है, फिर भी पूर्व मुखिया ने सड़क को तोड़ दिया है.