Gwalior Fraud: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ठेकेदार सोशल मीडिया के चक्कर में बुरी तरह फंस गए. अनजान महिला से फेसबुक पर दोस्ती बढ़ाने के बाद वे ठगों के जाल में फंस गए और कुल 1.27 लाख रुपए गंवा बैठे. ग्वालियर के ठेकेदार कमलकांत यादव को 24 अप्रैल को फेसबुक पर “लूसी चार्ल्स” नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली.
उन्होंने स्वीकार कर ली और धीरे-धीरे बातचीत शुरू हो गई. महिला ने खुद को लंदन की रहने वाली बताया. बाद में उसने अपना नाम डॉ. पैट्रिशिया बताते हुए चैट को व्हाट्सऐप पर ले लिया. महिला ने कमलकांत को लालच दिया कि वह जल्द भारत आ रही है और अपने साथ 95 हजार ब्रिटिश पाउंड लेकर आ रही है. उसने कहा कि रुपए में बदलने में मदद चाहिए.
कैसे बिछाया जाल?
ठेकेदार को लगा कि इस डील में अच्छा फायदा हो सकता है, इसलिए वे लगातार बात करते रहे. 27 अप्रैल को कमलकांत को एक दूसरी महिला का फोन आया. उसने खुद को मुंबई एयरपोर्ट की अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम पर विदेशी मुद्रा का पार्सल आया है. इसे क्लियर कराने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी.
1930 पर शिकायत
पहले 38,500 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस में लिए गए. इसके बाद क्लीयरेंस, प्रोसेसिंग और अन्य खर्चों के नाम पर ठगों ने और 88,600 रुपए वसूल लिए. कुल मिलाकर 1.27 लाख रुपए की ठगी हो गई. जब ठगों ने फिर से 70 हजार रुपए मांगे तो कमलकांत को शक हुआ. उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर दी.
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत के आधार पर ग्वालियर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत ई-एफआईआर दर्ज कर ली है. झांसी रोड पुलिस थाने की टीम मामले की जांच कर रही है. यह घटना सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने और अचानक मिलने वाले लालच से सावधान रहने की मिसाल है.