नई दिल्ली: राजस्थान के बीकानेर जिले के नापासर क्षेत्र में 6 जनवरी 2026 को एक बेहद दर्दनाक और अमानवीय घटना हुई. एक 12वीं कक्षा की 17-18 वर्षीय छात्रा स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी. रास्ते में दो युवकों ने उसे रोककर जबरदस्ती कार में बैठा लिया और अगवा कर लिया. आरोप है कि आरोपियों ने कार को कई घंटों तक विभिन्न इलाकों में घुमाया और चलती गाड़ी में बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इस दौरान पीड़िता को मौत की धमकियां दी गईं और विरोध करने पर उसे और प्रताड़ित किया गया.
जब कार एक पड़ोस के गांव में पहुंची, तो वहां के ग्रामीणों को कार से आने वाली चीख-पुकार और संदिग्ध हरकतों पर शक हुआ. लोगों ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की, तो डर के मारे आरोपियों ने कार का दरवाजा खोलकर छात्रा को बाहर धकेल दिया और फरार हो गए. ग्रामीणों ने तुरंत उसकी मदद की, परिवार को सूचित किया और उसे सुरक्षित घर पहुंचाया.
सदमे, डर और सामाजिक कारणों से परिवार ने घटना के 5 दिन बाद 11 जनवरी को नापासर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है. जांच में पता चला कि दोनों आरोपियों में से एक पीड़िता को पहले से जानता था.
कुछ रिपोर्टों के अनुसार एक आरोपी वकील भी है, जो इस क्रूर अपराध में शामिल होने के कारण कानून के प्रति और अधिक गंभीर सवाल खड़े करता है. घटना के समय दोनों आरोपी फरार थे, लेकिन बाद की खबरों में एक आरोपी को दूसरे राज्य से हिरासत में लिया गया बताया गया है, जबकि दूसरा अभी भी तलाश के दायरे में है.
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयानों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शीघ्र दोनों आरोपियों को पकड़कर सजा दिलाई जाएगी. पूरे इलाके में आक्रोश व्याप्त है.