लखनऊ: उत्तर प्रदेश से पड़ोसी देश नेपाल के लिए पहली ट्रेन सेवा सोमवार से शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में भव्य समारोह में वाराणसी से नेपालगंज रोड के बीच चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी वर्चुअल जुड़े रहे. अब इस रूट पर चार ट्रेनें चलेंगी—दो एक्सप्रेस और दो पैसेंजर. इनमें 14214 नेपालगंज रोड-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे नेपालगंज रोड से रवाना होकर दोपहर 1:35 बजे वाराणसी पहुंचेगी. वापसी में 14213 अप दोपहर 2 बजे वाराणसी से चलेगी.
गोंडा से नेपालगंज रोड के लिए दो मेमू/पैसेंजर ट्रेनें भी संचालित होंगी. इन ट्रेनों का ठहराव यूपी के एक दर्जन स्टेशनों पर होगा, जिनमें बहराइच, नानपारा, गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ और वाराणसी प्रमुख हैं.
सीएम योगी ने कहा कि नेपालगंज रोड से ब्रॉडगेज पर रेल संचालन दशकों पुराने सपने को साकार करने जैसा है. नेपाल सिर्फ मित्र राष्ट्र नहीं, बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक विरासत भी है. काशी विश्वनाथ, अयोध्या, गोरखपुर और जनकपुर तक यह विरासत फैली हुई है. 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर का रेलखंड पूरा किया गया है.
ट्रेन सेवा से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा तथा धार्मिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी. पहले दिन नेपालगंज से करीब 600 यात्रियों ने मुफ्त सफर का लाभ उठाया. यह सेवा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगी.