नई दिल्ली: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमन साहू ने एक एसटीएस जवान से इंसास राइफल छीनकर उस पर गोली चलाई और भागने की कोशिश की. हमले में उक्त जवान भी घायल हो गया है. जिसके बाद STF ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी को मार गिराया.
गैंगस्टर अमन साहू फिलहाल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जेल में बंद था, जहां से उसे झारखंड लाया जा रहा था. एसटीएफ उसे रांची ला ही रहे थे कि पलामू के चैनपुर के पास उसने एक जवान से राइफल छीनकर भागने की कोशिश की. पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए उसे मार गिराया. पलामू की एसपी रेशमा रमेशन ने मुठभेड़ की पुष्टि कर दी है.
गौरतलाब हो कि अमन साहू पर NTPC डीजीएम मर्डर केस का भी आरोप था. हाल ही में झारखंड के हजारीबाग जिले में NTPC के डीजीएम रैंक के एक अधिकारी कुमार गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस वारदात को 6 मार्च को अंजाम दिया गया था. हमलावरों ने घात लगाकर अधिकारी गोलियां बरसाई थी और पुलिस के पहुंचने से पहले भाग गए थे.
कौन है गैंगस्टर अमन साहू
अमन साहू, रांची के छोटे से मतबे गांव का रहने वाला था. उस पर झारखंड में हत्या, एक्सटॉर्शन और रंगदारी सहित 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे. एक समय में अमन हार्डकोर नक्सली भी रह चुका था और करीब 2013 में उसने अपना अलग गैंग बना लिया था. कोरबा में हुए गोलीकांड के बाद रायपुर पुलिस ने उसके गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया था. हाल ही में रायपुर के शंकर नगर इलाके में एक व्यापारिक साझेदार के घर के बाहर फायरिंग की घटना के बाद रायपुर पुलिस उसे पकड़कर लिया था पूछताछ कर रही थी. इस बीच मामले का खुलासा होने से पहले उसका एनकाउंटर हो गया.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी था संबंध
अमन साहू का नाम गुजरात के जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़ा जाता था. इसे लेकर सूत्र दावा करते हैं कि अमन लॉरेंस को गुर्गे सप्लाई करता था और बदले में उसे हाईटेक हथियार मिलता था. रायपुर के तेलीबांधा इलाके में बिल्डर के कार्यालय पर 13 जुलाई को हुई फायरिंग में भी अमन के गैंग का नाम सामने आया था. वहीं महाराष्ट्र में एनसीपी नेता की हत्या के बाद भी अमन साहू का नाम खूब उछाला जा रहा था. इसी से जुड़े मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू को अमन साहू द्वारा धमकी देने का आरोप लगा था.