पटना: बिहार के गया जिले के कोंच प्रखंड की गरारी पंचायत की मुखिया पूजा कुमारी ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से न केवल अपनी पंचायत का बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. बिहार की सबसे युवा और दो बार निर्वाचित मुखिया पूजा को उनके असाधारण योगदान के लिए इस स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किले पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का विशेष अवसर प्राप्त हुआ है.
25 वर्षीय पूजा कुमारी ने अपनी पंचायत में शिक्षा, स्वच्छता, और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं. उनके नेतृत्व में गरारी पंचायत ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) का दर्जा हासिल किया, और गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट्स, पक्की सड़कें, और डिजिटल साक्षरता केंद्र स्थापित किए गए. इसके अलावा, पूजा ने महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित कई पहल शुरू कीं, जिनमें आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन और कन्या शिक्षा को बढ़ावा देना शामिल है. उनकी इन उपलब्धियों ने उन्हें न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी पहचान दिलाई है.
लाल किले का सम्मान: पूजा कुमारी को भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास और पंचायती राज में उत्कृष्ट योगदान के लिए चुना गया है. वह 15 अगस्त को लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेंगी, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात करेंगी. इस अवसर पर देश भर से चुने गए अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ पूजा को सम्मानित भी किया जाएगा. यह बिहार के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि पूजा जैसी युवा नेत्री ने ग्रामीण नेतृत्व की नई मिसाल कायम की है.
पूजा का सफर: पूजा कुमारी ने 2021 में मात्र 21 साल की उम्र में पहली बार गरारी पंचायत की मुखिया का चुनाव जीता था, जिससे वे बिहार की सबसे युवा मुखिया बनीं. 2024 में उन्होंने दोबारा इस पद पर जीत हासिल की. पूजा ने बताया, “मेरे लिए यह गर्व का क्षण है कि मेरे छोटे से गांव के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है. मैं अपने गांव के लोगों और अपनी टीम की मेहनत को इसका श्रेय देती हूं.” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्रेरणा ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.
प्रधानमंत्री से मुलाकात: सूत्रों के अनुसार, पूजा कुमारी को लाल किले पर आयोजित समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विशेष बैठक में शामिल होने का अवसर मिलेगा. इस दौरान वह अपनी पंचायत की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगी. पूजा ने कहा, “मैं पीएम मोदी से मिलने और उनके मार्गदर्शन को सुनने के लिए उत्साहित हूं. यह मेरे लिए और मेरी पंचायत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है.”
स्थानीय प्रतिक्रिया: गरारी पंचायत के निवासियों ने पूजा के इस सम्मान पर खुशी जताई है. स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा, “पूजा जी ने हमारे गांव को बदल दिया है. सड़कें, बिजली, और स्कूलों की स्थिति पहले से बहुत बेहतर है. उनका लाल किले पर सम्मानित होना हम सभी के लिए गर्व की बात है.” कोंच प्रखंड के बीडीओ रवि शंकर ने भी पूजा की प्रशंसा करते हुए कहा, “उनका नेतृत्व युवाओं के लिए प्रेरणा है. उनकी मेहनत ने गरारी को एक मॉडल पंचायत बनाया है.”
राष्ट्रीय मंच पर बिहार का गौरव: पूजा कुमारी का यह सम्मान न केवल गरारी पंचायत, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है. उनकी उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि युवा नेतृत्व और समर्पण ग्रामीण भारत को बदल सकता है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर उनकी मौजूदगी बिहार की प्रगति और ग्रामीण सशक्तिकरण की कहानी को राष्ट्रीय मंच पर ले जाएगी.