लखनऊ : गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राज्य सरकार तथा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. विपक्ष का आरोप है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के बाद सरकार एनकाउंटर को समाधान के तौर पर पेश कर रही है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जमई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि गाजियाबाद में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी. अमीक जमई ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पुलिस पर दबाव बढ़ता है और कार्रवाई के नाम पर किसी समुदाय या वर्ग के व्यक्ति को निशाना बनाया जाता है.
सपा प्रवक्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सूर्या चौहान की हत्या उसके ही दोस्त द्वारा की गई थी, तो क्या सरकार हर ऐसे मामले में एनकाउंटर की नीति अपनाएगी. उन्होंने कहा कि कानून के शासन में अपराधियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के जरिए मामले का अंत किया जाना चाहिए.
अमीक जमई ने जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के आरोपी सत्तारूढ़ दल से जुड़े हुए हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है. उन्होंने मुख्यमंत्री से जौनपुर पुलिस के साथ भी समीक्षा बैठक करने की मांग की और कहा कि सरकार को सभी मामलों में समान मानदंड अपनाने चाहिए.
फिलहाल असद एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जहां विपक्ष सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार और पुलिस अपनी कार्रवाई को कानूनसम्मत और आवश्यक बता रही है. मामले को लेकर प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.