हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने एक परामर्श जारी कर स्कूलों को गुड मॉर्निंग के स्थान पर जय हिंद कहने का निर्देश दिया है. छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जारी यह निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को भेजा गया है. विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से पहले जय हिंद का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
विभाग ने उल्लेख किया कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गढ़ा गया जय हिंद बाद में भारत के सशस्त्र बलों द्वारा अपनाया गया था. यह नारा क्षेत्रीय और सांस्कृतिक मतभेदों से परे एकता का प्रतीक है. नए अभिवादन का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय एकता की भावना, भारत के इतिहास के प्रति सम्मान और राष्ट्र के लिए उनकी पहचान और संभावित योगदान की दैनिक याद दिलाना है.
स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की गहरी भावना पैदा करने के लिए, 'गुड मॉर्निंग' के स्थान पर 'जय हिंद' लिखने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र हर दिन राष्ट्रीय एकता की भावना और हमारे देश के समृद्ध इतिहास के प्रति सम्मान से प्रेरित हों. यह परिपत्र राज्य भर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को वितरित किया गया है.
हरियाणा में 14,300 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 23.10 लाख छात्र नामांकित हैं. अधिकारियों का अनुमान है कि राज्य के लगभग 7,000 निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या सरकारी स्कूलों के बराबर है. परिपत्र में कहा गया है कि ‘जय हिंद’ का इस्तेमाल नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किया था और बाद में स्वतंत्रता के बाद सशस्त्र बलों ने इसे सलामी के रूप में अपनाया. निर्देश में इस बात पर जोर दिया गया है कि यह “देशभक्तिपूर्ण अभिवादन” छात्रों को देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानों की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करेगा.
परिपत्र में कहा गया है कि इसके नियमित उपयोग से छात्रों में अनुशासन और एकरूपता की भावना पैदा होगी. दैनिक दिनचर्या में पारंपरिक अभिवादन को शामिल करने से सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय परंपराओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा मिलता है. सर्कुलर में स्कूल स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोहों में ध्वजारोहण समारोह से पहले निर्देश का व्यापक प्रचार और कार्यान्वयन करने का आह्वान किया गया है.