ट्रोमा सेंटर में बिछाया कार्पेट तो भड़के ज्योतिरादित्य सिंधिया, बोले- क्या तमाशा है ये

Rahul Jadaun 18 Oct 2026 06:35 PM 2 Mins
ट्रोमा सेंटर में बिछाया कार्पेट तो भड़के ज्योतिरादित्य सिंधिया, बोले- क्या तमाशा है ये

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को बेकाबू ट्रक द्वारा कुचले जाने के भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद शहर में मातम पसरा हुआ है। इस हृदयविदारक हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों का हाल जानने जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। घायलों की चीख-पुकार के बीच अस्पताल प्रशासन द्वारा उनके वीआईपी स्वागत के लिए बिछाए गए 'ग्रीन कार्पेट' को देखकर सिंधिया बुरी तरह भड़क उठे और दो टूक कहा— "मेरे लिए कहां से ग्रीन कार्पेट? क्या तमाशा है ये!"

दौरे से पहले लीपापोती में जुटा था अस्पताल प्रशासन

दरअसल, केंद्रीय मंत्री के अस्पताल पहुंचने से कुछ देर पहले ट्रॉमा सेंटर परिसर में अजीबोगरीब हड़बड़ी देखने को मिली। संवेदनहीनता की हद पार करते हुए प्रशासन घायलों के समुचित इलाज पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय वीआईपी अगवानी की तैयारियों में जुट गया था। अस्पताल परिसर में झाड़ू लगवाकर रातों-रात ग्रीन कार्पेट बिछाया गया, इतना ही नहीं, रास्ते के गड्ढों और टूटी टाइल्स को आनन-फानन में सीमेंट-रेत के मसाले से दुरुस्त करने का ढोंग किया गया। जब पत्रकारों ने सिंधिया से इस वीआईपी ट्रीटमेंट और अधिकारियों की चापलूसी पर सवाल पूछा, तो उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन की इस हरकत को गैर-जरूरी और अनुचित करार दिया।

सिंधिया का बड़ा सवाल: रात के अंधेरे में शहर में कैसे घुसा ट्रक?

ट्रॉमा सेंटर में घायलों और डॉक्टरों से मुलाकात के बाद सिंधिया ने कानून-व्यवस्था और शहर की ट्रैफिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि आखिर रात के अंधेरे में नो-एंट्री या भारी प्रतिबंधों के बावजूद भारी-भरकम ट्रक ग्वालियर शहर की सीमा के भीतर कैसे दाखिल हो गया?

सिंधिया ने कहा कि ट्रक के ब्रेक फेल हुए थे या इसके पीछे कोई अन्य बड़ी लापरवाही थी, यह जांच के बाद साफ होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घोर लापरवाही के लिए जो भी पुलिसकर्मी या प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री से तीन बार बातचीत, मुआवजे और निलंबन का ऐलान

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि घटना के बाद से उनकी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से तीन बार फोन पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। लापरवाही बरतने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है।

उन्होंने बताया कि मृतकों के शोकाकुल परिजनों और गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई है। सिंधिया ने कहा कि इस समय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता गंभीर रूप से घायलों—जिनमें दो मरीजों के पेल्विक बोन में फ्रैक्चर हुआ है—को तुरंत स्थिर कर बेहतर से बेहतर सर्जरी व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

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