नई दिल्ली: बरेली पुलिस ने हैदरी दल नामक एक संगठन के प्रमुख मजहर को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को परेशान करने के आरोपों के बाद हुई है. मजहर, जो मूल रूप से झारखंड का निवासी है, लंबे समय से इस ग्रुप को चला रहा था. पुलिस के अनुसार, उसने और उसके साथियों ने किसी हिंदूवादी संगठन की नकल करते हुए खुद को समाज सुधारक के रूप में पेश करने की कोशिश की, लेकिन असल मकसद धार्मिक सौहार्द बिगाड़ना था.
क्या-क्या आरोप लगे?
सोशल मीडिया पर मजहर ने फर्जी और एडिटेड वीडियो पोस्ट किए. ये वीडियो अक्सर दूसरे राज्यों या पुराने घटनाओं के होते थे, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश या बरेली से जोड़कर पेश किया जाता था. मकसद मुसलमानों पर कथित अत्याचार दिखाना और भड़काना था. जांच में ज्यादातर सामग्री भ्रामक या फर्जी पाई गई.
उसने इंस्टाग्राम पर हैदरी दल ऑफिशियल और राष्ट्रीय हैदरी जैसे अकाउंट बनाए, जिनके हजारों फॉलोअर्स हो चुके थे. ये अकाउंट यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सक्रिय थे और लगातार भड़काऊ पोस्ट डालते थे. पुलिस ने ट्रेसिंग से पता लगाया कि कई अकाउंट झारखंड के गिरिडीह से चलाए जा रहे थे. मजहर पहले मोमो का ठेला लगाता था, लेकिन सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ने के बाद उसने यह रास्ता अपनाया.
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पिछले साल वैलेंटाइन डे पर गांधी उद्यान में मुस्लिम युवतियों के साथ अभद्रता का मामला सामने आया था. सितंबर 2025 में भी ऐसी गतिविधियां फिर से सामने आईं थी. पुलिस ने पहले ही उसके दो साथियों को पकड़ा है, जिनमें एक होम्योपैथी डॉक्टर और एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर शामिल हैं. गिरफ्तारी के बाद मजहर को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उसके पास से मोबाइल बरामद हुआ है और जांच जारी है. सीओ सिटी ने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. हैदरी दल से जुड़े अकाउंट्स को चिह्नित कर बंद कराया जा रहा है. समाज में नफरत फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.