150 दिन में नायब सिंह सैनी ने लिए 10 ऐसे फैसले, खुद मनोहर लाल भी हो गए मुरीद
मोदी के माइंड और योगी के बुलडोजर का किया ऐसा इस्तेमाल, लोग बोले- ये हैं कॉम्बो!
2 महीने बाद हरियाणा में क्या होने वाला है,सैनी ने लिखी ऐसी स्क्रिप्ट विपक्ष के उड़े होश!
सीएम की कुर्सी पर 150 दिनों तक बैठकर अगर कोई जनता की दिल में जगह बना ले, एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री की जगह बना ले और संगठन से लेकर जनता तक उस पर भरोसा जताने लगे तो समझिए कि वो सियासत का सबसे मंझा हुआ नेता हैं, और ऐसे नेता काफी कम होते हैं, जो जनता की नब्ज को समझते हैं, मोदी-योगी की पॉलिसी को अपनाते हैं, लेकिन साथ में अपनी अलग छवि भी बना लेते हैं, क्योंकि सियासत सबसे बड़ा सच ये भी है कि विधानसभा का चुनाव आपको जीत अपनी छवि पर ही मिलती है, और हरियाणा में नायब सिंह सैनी ने 150 दिनों के कार्यकाल में जो किया है, वो इसी की मिसाल है, इसीलिए अभी से ही विपक्ष की नींद उड़ी हुई है.
CM सैनी के 150 दिन में 10 ‘नायाब’ फैसले...
ये फैसले नायब सिंह सैनी ने तब लिए जब 12 मार्च को उनके सीएम बनने के कुछ दिन बाद ही प्रदेश में आचार संहिता लग गई, लोकसभा चुनाव को लेकर हर जगह आचार संहिता लगी हुई थी, करीब ढाई महीने तक नायब सिंह सैनी के सामने 5 बड़ी चुनौतियां थी.
पहली- मनोहर लाल जैसे लोकप्रिय सीएम को हटाने से उठी नाराजगी को शांत करना
दूसरी- लोकसभा चुनाव 2024 में 10 की 10 सीटें जीतकर देना, जिसमें से 5 ही जीते
तीसरी- JJP के समर्थन वापस लेने से बहुमत बनाए रखने का संकट भी बड़ा था
चौथी- किसान और जाट नेताओं को समझाना ताकि दूसरा आंदोलन खड़ा न हो
पांचवीं- ओलंपिक में हरियाणा का प्रदर्शन और बेहतर करवाना, हौसला बढ़ाना
इसके लिए बकायदा नायब सिंह सैनी ने केन्द्र सरकार से बातचीत की. अपने लेवल पर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई, जिसका नतीजा ये हुआ कि हरियाणा में इस बार भी सबसे ज्यादा ओलंपिक मेडल आए. चाहे वो नीरज चोपड़ा हों या मनु भाकर सब नायब सिंह सैनी की नीति की तारीफ कर रहे हैं. आम से लेकर खास तक सैनी से खुद को ऐसा जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है कि विपक्ष की धड़कनें बढ़ी हुई है.
जो हुड्डा परिवार जेजेपी के गठबंधन तोड़ने के बाद सत्ता में आने के ख्वाब देख रहा था, अब नई रणनीति बनाने पर मजबूर हैं, क्योंकि दो महीने बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिस हिसाब के फैसले नायब सिंह सैनी ने अपने 150 दिनों के कार्यकाल में लिए हैं, वो शायद 15 साल तक सीएम रहने वाले किसी नेता के लिए भी आसान नहीं होता. क्योंकि कई नेता वोटबैंक के हिसाब से फैसले लेते हैं. जबकि नायब सिंह सैनी योगी की तरह जनता का हित सोचकर फैसले ले रहे हैं, जिससे चुनावी नफा-नुकसान तो हो सकता है, लेकिन जनता के दिल में जगह जरूर बनी रहेगी.