High Court orders vacation of slums near PM's residence within 6 weeks: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों के निवासियों को छह सप्ताह के अंदर अपना मकान खाली करने और सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक आवास में शिफ्ट होने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और डीआईडी कॉलोनी के निवासियों को निर्देश दिया कि वे छह हफ्ते के अंदर अपने घर खाली कर दें.
इस अवधि में उन्हें दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डूसिब) की सावदा घेवरा कॉलोनी में आवंटित आवास में बसाया जाएगा. उसके बाद जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से बेदखली की जा सकती है. कोर्ट ने पुनर्वास की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज मन मोहन शर्मा की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी भी गठित की है.
इसमें आवास मंत्रालय, डूसिब, डीडीए, जल बोर्ड, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. कमेटी छह महीने तक काम करेगी और जरूरत पड़ने पर दो महीने बढ़ाई जा सकती है. कोर्ट ने जोर दिया कि पुनर्वास ‘सार्थक’ होना चाहिए और निवासियों को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार (अनुच्छेद 21) सुनिश्चित किया जाए. स्कूल, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, बस पास और डिस्पेंसरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के पहले दिए गए आश्वासनों का सख्ती से पालन करने को कहा गया.
ये तीनों बस्तियां लोक कल्याण मार्ग (रेस कोर्स) इलाके में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित हैं. केंद्र सरकार ने इन्हें सुरक्षित जोन और एयर फोर्स स्टेशन के पास होने का हवाला देते हुए सुरक्षा कारणों से हटाने की मांग की थी. करीब 717 निवासियों को सावदा घेवरा शिफ्ट किया जाएगा. कोर्ट ने निवासियों की अपील खारिज करते हुए सिंगल जज के पहले के आदेश को संशोधित रूप में बरकरार रखा.