पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान त्यागपत्र देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे। इस बीच एनडीए दल के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार के बाहर धर्मेंद्र प्रधान का जोरदार स्वागत किया। "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के नारे लगाए गए और उन्हें पाग पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद वह एनडीए सांसदों के साथ संसद भवन के अंदर गए। इस्तीफे के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि इस सम्मान के जरिए एनडीए दल ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ा है और धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र अपनी इच्छा से दिया है, न कि किसी के दबाव में। राजनीतिक विशेषज्ञ यह भी कयास लगा रहे हैं कि सदन के बाहर धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान करना डैमेज कंट्रोल की रणनीति का हिस्सा है और इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि धर्मेंद्र प्रधान को सरकार और दल का पूरा समर्थन प्राप्त है।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कई भाजपा नेताओं, जिनमें किरण रिजिजू, नितिन नबीन और रेखा गुप्ता शामिल हैं, ने उनकी सराहना की। वहीं गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नबीन, पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण ने धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
3 मई 2026 को नीट पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग छात्रों और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तेज हो गई थी। इसके बाद 25 जून को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए नोट में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन का राष्ट्र विरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। धर्मेंद्र प्रधान के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला है।