INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट (Union Budget 2024) के खिलाफ बुधवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. विपक्ष के नेताओं ने "विपक्ष विरोधी कुर्सी बचाओ बजट मुर्दा बाद" के नारे लगाए और संसद भवन में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और बजट को भेदभावपूर्ण बताया है. प्रदर्शन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद डोला सेन शामिल हुए.
कांग्रेस प्रमुख खड़गे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह एक धोखेबाज़ बजट है और यह अन्याय है. बजट पर सामान्य चर्चा में भाग लेने के सवाल पर खड़गे ने कहा कि हम विरोध करेंगे और फिर देखेंगे. बता दें कि इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया ब्लॉक के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की बैठक हुई थी.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस साल के केंद्रीय बजट ने बजट की अवधारणा को पहले ही नष्ट कर दिया है. उन्होंने अधिकांश राज्यों के साथ पूरी तरह से भेदभाव किया है. इसलिए इंडिया गठबंधन की बैठक इस बात पर हुई कि इसका विरोध कैसे किया जाए. बैठक के बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा था कि वे विरोध करेंगे क्योंकि सरकार ने "भाजपा का बजट" पेश किया है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 की आलोचना करते हुए वित्त मंत्री पर खोखले वादे करने का आरोप लगाया था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने ट्वीट किया कहा था कि यह कुर्सी बचाओ बजट है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी 'एक्स' पर ट्वीट कर कहा था कि मोदी सरकार का 'नकलची बजट' कांग्रेस के न्याय एजेंडे की भी ठीक से नकल नहीं कर सका! मोदी सरकार का बजट अपने गठबंधन सहयोगियों को धोखा देने के लिए आधी-अधूरी रेवड़ियां बांट रहा है ताकि एनडीए बच जाए. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्रीय बजट 2024-25 की आलोचना करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित, दिशाहीन, जनविरोधी और दूरदर्शिता से रहित बताया था.