नई दिल्ली: क्या भारत अपना सीमा विस्तार करने जा रहा है, क्योंकि बड़े पदों पर बैठे लोग जब जिम्मेदार के साथ कोई बात बोलते हैं तो उसे पूरा भी करना होता है...जब दुनिया हर तरफ युद्ध के दौर से गुजर रही है, और भारत शांति की अपील कर रहा है तो क्या भारत 2026 के मार्च महीने के बाद और 2027 के मध्य में, युद्ध की स्थिति में खड़ा होने वाला है...कई भविष्यवाणियां तो ऐसा ही दावा करती हैं...पर यहां भविष्यवाणियों से ज्यादा कड़ियों को जोड़कर आपको कुछ समझाने की कोशिश करते हैं...ये हैं इंडियन आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी जो कहते हैं ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, पाकिस्तान के 8 ठिकानों पर हमारी नजर है...
यानि पाकिस्तान की ओर से एक गलती और भारत का करारा जवाब शुरू हो जाएगा, और इस बार पाकिस्तान भी अपनी तैयारी में जुटा है, बांग्लादेश में चल रही उथल-पुथल ये साफ बता रही है कि पाकिस्तान को वहां से भी मजबूती मिल सकती है, तो क्या ये मान लिया जाए कि इस बार भारत अगर जंग के मैदान में उतरा तो उसे ढाई की बजाय साढ़े तीन मोर्चे पर मुकाबला करना होगा, एक तरफ पाकिस्तान, दूसरी तरफ बांग्लादेश और तीसरी तरफ चीन होगा...और आधा मोर्चा अपने ही देश में बैठे उन दुश्मनों का होगा, जो खाते हिंदुस्तान की है...इसके लिए हमारी तीनों सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं...
पर बात सिर्फ तैयारी से नहीं बनती, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति भी जरूरी होती है...आप आर्थिक तौर पर कितने मजबूत हैं, ये भी देखना होता है...फिलहाल भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले दिनों में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है, इसलिए कई देश इसे जंग में झोंककर पीछे करना चाहते हैं, जिससे भारत बार-बार बचना चाह रहा है पर बचने की शर्तें मुल्क के लिए खतरा नहीं हो सकतीं...
अगर बात राष्ट्र की एकता और अखंडता पर आती है, तो सेना मोर्चा संभाल लेती है...अभी जिस हिसाब से चीन ने शक्सगाम घाटी पर अपना दावा ठोंका है, वहां सड़कें बनवा रहा है, और भारतीय विदेश मंत्रालय ने उसे अपना क्षेत्र बताया है, उससे ये बात जरूर पता चलती है कि शक्सगाम घाटी के क्षेत्र में चीन को नहीं रोका गया तो वो दुनिया के सबसे बड़े युद्धक्षेत्र सियाचीन ग्लेशियर पर भी भारत के लिए चुनौती पैदा कर सकता है...इसीलिए भारत बार-बार कहता है कि साल 1963 में पाकिस्तान ने चीन को जो हमारी जमीन खैरात में दे दी, उस समझौते को हम नहीं मानते...
लेकिन चीन क्या कहने भर से सुधर जाएगा, वो तो हर वक्त भारतीय क्षेत्र पर नजरें गड़ाए बैठा रहता है, इस ताक में रहता है कि कैसे मौका मिले और भारत के किसी हिस्से को अपना बता दें, जिसका विरोध बार-बार भारत करता है...लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जाने लगा है, क्योंकि बांग्लादेश में बैठे भारत के दुश्मन भी भारत के नॉर्थ ईस्ट वाले हिस्से को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं...भविष्यमल्लिका की भविष्यवाणी कहती है मार्च 2026 के बाद 2027 तक भारत एक बड़े युद्ध की ओर जा सकता है, पाकिस्तान के साथ चीन समेत कई मुल्क हो सकते हैं, जबकि भारत का साथ रूस देगा और भारत इस लड़ाई में विजेता बनकर निकलेगा...तो दो मुल्कों की जंग में जीत होने का सीधा मतलब ये होता है कि आपकी देश की सीमा भी बढ़ सकती है, अगर आप लाहौर लौटाने वाली गलती दोबारा न करें, और इस वक्त की सरकार जंग जीतकर ऐसी कोई गलती करेगी इसकी आशंका नजर नहीं आती...क्योंकि सेना मुस्तैद है, सेना को अब सुदर्शन चक्र भी मिल चुका है..और महाभारत गवाह है कि सुदर्शन चक्रधारी श्रीकृष्ण ने कैसे बिना सुदर्शन चक्र उठाए ही कैसे कौरवों को तहस-नहस कर दिया था..
ये बातें हो सकता है कुछ लोगों को भविष्य की गर्त में दिखे, लेकिन एक बात तय मानिए कि भारत अब किसी के सामने झुकने वाला है, जो लोग ये प्रोपोगैंडा चला रहे हैं कि मोदी ट्रंप को दोस्त बताते रहे और ट्रंप ने धोखा कर दिया, वो शायद इस ख़बर से अनजान हैं कि भारत ने अमेरिका को उसकी औकात याद दिला दी है, जिस ट्रेड डील के लिए अमेरिका अपनी शर्तों पर साइन करवाने को छटपटा रहा है, उस ट्रेड डील पर पीएम मोदी बिना कुछ बोले अमेरिका को ये बता रहे हैं कि हम अपने भारतीय किसानों और किसी भी भारतीय का अहित किसी डील से नहीं होने देंगे, और मोदी ने इसका ऐलान एक बयान में भी बीते दिनों किया था...
यानि जो अमेरिका भारत के बाजार में घुसना चाहता है, उसे मोदी के इस स्टैंड से तगड़ा झटका लगा है, इसीलिए ट्रंप कभी कहते हैं मोदी मुझसे खुश नहीं हैं तो कभी कहते हैं टैरिफ बढ़ाने की वजह से नाराजगी बढ़ी है...यहां तक कि अमेरिकी राजदूत को ये तक कहना पड़ रहा है कि भारत हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है...
यानि हर तरफ से भारत पर दबाव बनाने की साजिशें रची जा रही हैं, जिसका जवाब भारत सरकार तसल्ली से दे रही है, पर कहते हैं एक वक्त ऐसा आता है जब मौन तोड़कर हथियार उठाना ही पड़ता है, अगर चीन सियाचीन ग्लेशियर के पास की घाटी पर ऐसे ही फर्जी दावे करता रहा, पाकिस्तान चीन की गोद में बैठकर भारत के खिलाफ प्लान बनाता रहा, और बांग्लादेश में भारत के दुश्मनों को संरक्षण मिलता रहा तो फिर राष्ट्र की सुरक्षा की खातिर भारत को भी तैयारी बड़ी करनी होगी...