नई दिल्ली: 9 जून 2025 को इंदौर की 24 वर्षीय सोनम रघुवंशी, जिन्हें मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में हिरासत में लिया गया. इसी बीच सोनम के पिता देवी सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने मेघालय पुलिस पर मामले को गढ़ने और झूठ बोलने का आरोप लगाया. देवी सिंह ने अपनी बेटी को निर्दोष बताते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया था. यह घटना दोनों परिवारों और समाज के लिए एक बड़ा झटका है.
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सोनम और राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी. शादी के बाद, 20 मई को वे हनीमून के लिए मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) गए. 23 मई को दोनों के लापता होने की खबर मिली. 2 जून को राजा का सड़ा-गला शव सोहरा के एक गहरे खड्ड में मिला. उनकी किराए की स्कूटी सोहरारिम में छोड़ी हुई पाई गई, जिसमें चाबी भी लगी थी. इसने पुलिस को संदेह पैदा किया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी.
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मेघालय पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने अपने पति की हत्या की साजिश रची थी. पुलिस के अनुसार, सोनम का राज कुशवाहा नाम के एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर संबंध था. उसने मध्य प्रदेश से तीन किराए के हत्यारों को इस अपराध को अंजाम देने के लिए रखा था. मेघालय की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इदाशीशा नोंग्रांग ने कहा कि सोनम इस हत्या की योजना में सक्रिय रूप से शामिल थी. अब तक तीन संदिग्ध हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य फरार है.
सोनम की हिरासत के कुछ घंटे बाद उनके पिता देवी सिंह ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा, "मेरी बेटी बेकसूर है. मैं उस पर पूरा भरोसा करता हूं. वह ऐसा नहीं कर सकती. उनकी शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई थी. मेघालय सरकार और पुलिस शुरू से झूठ बोल रही है." उन्होंने बताया कि सोनम रविवार रात को खुद गाजीपुर के एक ढाबे पर पहुंची थी और अपने भाई गोविंद को फोन किया. इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और उसे ले गई. देवी सिंह ने कहा, "वह मेघालय में नहीं पकड़ी गई. वह खुद गाजीपुर आई थी. मैं अभी उससे बात नहीं कर पाया हूं. मेरी बेटी अपने पति की हत्या क्यों करेगी? मेघालय पुलिस कहानियां बना रही है."
देवी सिंह ने मेघालय पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और कहा कि उनका परिवार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेगा. उन्होंने दावा किया, "जब सीबीआई जांच शुरू होगी, तो मेघालय पुलिस स्टेशन के सभी अधिकारी जेल में होंगे."
मेघालय पुलिस ने एक बयान में कहा, "सोनम रघुवंशी ने गाजीपुर के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया है और वह उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षित हिरासत में है. उसे लाने के लिए कानूनी प्रक्रियाएँ शुरू की गई हैं." पुलिस ने बताया कि एक टूरिस्ट गाइड ने सूचना दी थी कि लापता होने के दिन सोनम और राजा को तीन अज्ञात लोगों के साथ देखा गया था. इस सुराग ने जाँच को हत्या की ओर मोड़ दिया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनम ने गाजीपुर के ढाबे से अपने भाई को वीडियो कॉल किया था. परिवार ने इंदौर पुलिस को सूचित किया, जिसने गाजीपुर पुलिस से संपर्क किया. ढाबे के मालिक ने भी पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल की थी, जिसके बाद सोनम को हिरासत में लिया गया. इंदौर पुलिस की एक टीम अब उसे लेने गाजीपुर गई है.
वहीं सोनम के पिता और राजा के परिवार ने मेघालय पुलिस की जांच पर अविश्वास जताया है. राजा के भाई विपुल रघुवंशी ने पहले कहा था, "हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है. मेघालय पुलिस के काम करने के तरीके से राजा को इंसाफ नहीं मिलेगा." सोनम की मां ने भी कहा, "हमें सच जानना है कि राजा की हत्या किसने की." दोनों परिवार सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि मेघालय पुलिस सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर रही है.