नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने गुरुवार 7 मई को सभी IPL टीमों को 8 पेज का निर्देश जारी किया है. इसमें मौजूदा टूर्नामेंट के दौरान प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई गई है. BCCI ने खिलाड़ियों और टीमों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका भविष्य में तुरंत पालन करना होगा.
क्रिकेट गवर्निंग बॉडी ने टीमों को टूर्नामेंट के दौरान टारगेटेड हनी-ट्रैपिंग, अनधिकृत आवाजाही और प्रोटोकॉल तोड़ने के खतरों से सतर्क रहने को कहा है. यह निर्देश राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा डगआउट में फोन इस्तेमाल करने और रियान पराग के वेपिंग विवाद समेत कई विवादों के बाद जारी किया गया है. BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने सभी 10 फ्रैंचाइजी को पत्र लिखकर इस सीजन में हुए प्रोटोकॉल उल्लंघनों को रेखांकित किया और टीमों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की.
BCCI सचिव का बयान कहा कि यह एडवाइजरी मौजूदा सीजन में देखे गए कुछ घटनाक्रमों के आलोक में जारी की गई है. इसका मकसद IPL से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स से अनुशासन, सुरक्षा जागरूकता और प्रोटोकॉल अनुपालन के उच्च मानकों को मजबूत करना है. निर्देश में Anti Corruption and Security Unit (ACSU) द्वारा रिपोर्ट किए गए उल्लंघनों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ और टीम अधिकारियों द्वारा कुछ घटनाएं हुई हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता.
होटल रूम एक्सेस पर सख्ती
BCCI ने खिलाड़ियों के होटल रूम में अनधिकृत लोगों के आने को सबसे बड़ी चिंता बताया है. उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि कुछ खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ सदस्यों ने टीम मैनेजर को बताए बिना या उनकी मंजूरी के बिना अनधिकृत व्यक्तियों को अपने होटल रूम में एंट्री दी. कई मामलों में टीम मैनेजर को भी इसकी जानकारी नहीं थी. यह प्रथा तुरंत प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित है.
- अनधिकृत आवाजाही: खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ द्वारा बिना Security Liaison Officers (SLOs) या Team Integrity Officers (TIOs) को सूचित किए अनियमित घंटों में टीम होटल से बाहर जाने के मामले सामने आए हैं. ऐसी आवाजाही सुरक्षा में बड़ी कमजोरी पैदा करती है.
- मालिकों द्वारा PMOA प्रोटोकॉल तोड़ना: BCCI ने कुछ फ्रैंचाइजी मालिकों द्वारा Players’ And Match Officials Access (PMOA) प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर भी नाराजगी जताई है. मैच के दौरान खिलाड़ियों से बात करना, उन्हें गले लगाना या शारीरिक संपर्क करना अब सख्ती से मना है.
खिलाड़ी, स्टाफ और मालिकों के लिए तीन मुख्य नियम
- कोई भी व्यक्ति (चाहे कितना भी करीबी रिश्ता हो) बिना टीम मैनेजर की पूर्व जानकारी और लिखित मंजूरी के खिलाड़ी या स्टाफ के होटल रूम में नहीं जा सकेगा.
- सभी गेस्ट और विजिटर्स को केवल होटल के पब्लिक एरिया (लॉबी या रिसेप्शन) में ही मिलना होगा. लिखित अनुमति के बिना किसी को भी प्राइवेट रूम तक नहीं ले जाया जाएगा.
- BCCI ने सभी फ्रैंचाइजी को हनी ट्रैपिंग के खतरे से आगाह किया है. इसमें कानूनी जटिलताएं (सेक्सुअल मिसकंडक्ट समेत) हो सकती हैं.
खिलाड़ियों की आवाजाही के नियम
- हर बाहर जाने से पहले SLO/TIO से अनुमति लेनी अनिवार्य.
- कोई भी प्लान्ड मूवमेंट (पर्सनल या अन्य) पहले से टीम मैनेजर और SLO को बताना होगा.
- SLO/TIO सभी मूवमेंट का लॉग रखेंगे.
मालिकों के लिए तीन नियम
- मैच के दौरान डगआउट, ड्रेसिंग रूम या प्लेइंग एरिया में खिलाड़ियों/अधिकारियों से संपर्क या शारीरिक संपर्क प्रतिबंधित.
- PMOA प्रोटोकॉल का सख्त पालन जरूरी.
- हर मैच से पहले मालिकों को प्रोटोकॉल की ब्रिफिंग अनिवार्य.
वेपिंग पर पूर्ण प्रतिबंध
- रियान पराग और युजवेंद्र चहल के वेपिंग मामले के बाद BCCI ने स्पष्ट किया कि वेपिंग भारतीय कानून के तहत प्रतिबंधित है और यह संज्ञेय अपराध है.
- वेपिंग/ई-सिगरेट का इस्तेमाल ड्रेसिंग रूम, डगआउट, होटल और सभी IPL वेन्यू पर पूरी तरह बंद है.
टीमों को क्या करना होगा?
- 48 घंटे के अंदर सभी खिलाड़ी और स्टाफ को ब्रिफिंग देकर लिखित पुष्टि लेनी होगी.
- गेस्ट अप्रूवल सिस्टम बनाना और रोजाना विजिटर्स का रिकॉर्ड रखना.
- मूवमेंट लॉग बनाए रखना.
उल्लंघन की सजा क्या है?
- शो-कॉज नोटिस
- आर्थिक जुर्माना
- सस्पेंशन या डिसक्वालीफिकेशन
- कानूनी मामलों में पुलिस में शिकायत
- अन्य कोई भी उचित कार्रवाई
BCCI ने सभी फ्रैंचाइजी से अपील की है कि वे इस एडवाइजरी को गंभीरता से लें और IPL की इंटीग्रिटी बनाए रखें.
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