तेहरान: मध्य-पूर्व में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ तनातनी के बीच ईरान से आई कुछ तस्वीरों और वीडियो ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ईरान की राजधानी तेहरान में पारंपरिक पोशाक और नकाब पहने हजारों महिलाएं हवा में कलाबाजियां खातीं, लाठियां-तलवारें भांजतीं और जापानी मार्शल आर्ट्स के खतरनाक स्टंट करती नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ईरान ने 30 हजार 'महिला निंजा लड़ाके' तैयार कर लिए हैं। आइए जानते हैं कि इन जांबाज महिला निंजा वारियर्स की असली कहानी क्या है और यह प्रशिक्षण किस मकसद से दिया जा रहा है।
1989 में रखी गई थी इस निंजा स्कूल की नींव
ईरान में महिला निंजा के इस विशेष प्रशिक्षण केंद्र को 'कुनोइची' (Kunoichi) स्कूल के नाम से जाना जाता है। जापानी भाषा में 'कुनोइची' का अर्थ 'महिला निंजा' होता है। इस अनूठी अकादमी की स्थापना वर्ष 1989 में कोच अकबर फराजी ने की थी। उस दौर में जब ईरान में महिलाओं के लिए बाहरी खेल और शारीरिक गतिविधियों के विकल्प बेहद सीमित थे, तब इस स्कूल ने पारंपरिक मार्शल आर्ट्स की नींव रखी। आज यह कार्यक्रम ईरान के राष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स फेडरेशन (National Martial Arts Federation) के आधिकारिक संरक्षण में संचालित होता है।
30 हजार से ज्यादा महिलाएं ले चुकी हैं घातक ट्रेनिंग अकबर फराजी की देखरेख में शुरू हुए इस अभियान से अब तक 30 हजार से अधिक ईरानी महिलाएं और युवतियां जुड़ चुकी हैं और कठिन प्रशिक्षण पूरा कर चुकी हैं। यहां सिखाई जाने वाली मुख्य विधा 'निंजुत्सु' (Ninjutsu) है। इस प्रशिक्षण के तहत:
चुपके से हमला और बचाव (Stealth & Defence): बिना आहट दिए दुश्मन के करीब पहुंचना और शरीर के संतुलन का इस्तेमाल कर बचाव करना।
पारंपरिक हथियारों का संचालन: स्टाफ वर्क (लाठी), कटार, ननचाकू और तलवार जैसे पारंपरिक हथियारों का अचूक प्रयोग।
हवाई कलाबाजियां और टीम वर्क: एक-दूसरे के सहयोग से 10-15 फीट ऊंची छलांग लगाना, मानव पिरामिड बनाना और कठिन अवरोधों को पार करना।
आत्मरक्षा, फिटनेस और रूढ़ियों को तोड़ती उड़ान
हालाँकि सोशल मीडिया पर इसे अमेरिका या इजरायल से सीधे सैन्य टकराव से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यह स्कूल मुख्य रूप से महिलाओं में आत्मरक्षा (Self-Defence), शारीरिक फिटनेस और मानसिक अनुशासन विकसित करने का एक बड़ा मंच है।
ईरानी समाज के सख्त पर्दा नियमों और पारंपरिक पोशाक में रहते हुए भी ये महिलाएं जिस फुर्ती और ताकत से स्टंट करती हैं, उसने रूढ़िवादी सोच को गहरी चुनौती दी है। स्कूल में विभिन्न आयु वर्ग की लड़कियां और महिलाएं शामिल होती हैं। कई प्रशिक्षुओं का कहना है कि इस ट्रेनिंग ने न केवल उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ाई है, बल्कि उनमें गजब का आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की भावना भी भरी है।
सोशल मीडिया पर छाया ईरानी 'कुनोइची' का जलवा
हाल ही में तेहरान में कुनोइची स्कूल के दीक्षांत और सार्वजनिक प्रदर्शन के वीडियो इंस्टाग्राम व अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर लोग ईरानी महिलाओं की इस शारीरिक दक्षता, एकाग्रता और लचीलेपन की जमकर सराहना कर रहे हैं। यह संस्थान साबित कर रहा है कि मार्शल आर्ट्स और अनुशासन की दुनिया सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं है।