नई दिल्ली: फ्लाईदुबई विमान में हाईजैक की कोशिश के बाद इजरायल के भारत में राजदूत रेउवेन अजार ने गंभीर चेतावनी दी है. इंडिया टुडे को दिए विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल समेत लोकतांत्रिक देशों पर ''नया रेडिकल इस्लामिस्ट आतंक लहर'' आ सकता है. अजार ने कहा, ''आतंकवादी हमसे तेज हैं. हमें उनसे भी तेज बनना होगा. अगर हम अगली लहर से आगे रहना चाहते हैं तो सतर्क और तेज रहना होगा. और अगली लहर आएगी ही.''
उन्होंने हमास के प्रभाव का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले एक साल में हमास के कई कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं. हमास नेता नजी जहीर और खालिद अल-कादुमी जैसे लोग जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कार्यक्रमों में भी शामिल हुए. अजार ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले को भी इसी प्रभाव का नतीजा बताया.
फ्लाईदुबई घटना का जिक्र करते हुए अजार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित और यात्रियों की हिम्मत की वजह से बड़ा हादसा टल गया. को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने विमान को तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश की थी, लेकिन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को अंदर आने दिया.
अजार ने कहा कि जांच में अभी यह साफ नहीं हुआ कि यह अकेला हमला था या नहीं, लेकिन यह ''मौजूदा खतरा'' है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी और ईरानी शासन कोई भी कमजोरी ढूंढकर साबित करने की कोशिश करेंगे कि वे हारे नहीं हैं. 7 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी पर दी गई यह चेतावनी भारत और इजरायल दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.