नई दिल्ली: अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की एक गोपनीय रिपोर्ट ने इजरायल को लेकर गंभीर चेतावनी दी है. अगस्त 2026 में तैयार की गई ‘फ्रैक्चर फ्रॉम विदिन’ नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यहूदी इजरायलियों के बीच गहरे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मतभेद देश को गृहयुद्ध या राज्य पतन की ओर धकेल सकते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ‘एक चिंगारी दूर’ असली अंदरूनी संघर्ष से है. यह आकलन CIA के रेड सेल यूनिट ने तैयार किया है, जिसका काम सबसे खराब संभावित हालात का आकलन करना होता है. जानकारी ड्रॉप साइट न्यूज की रिपोर्टिंग पर आधारित है. रिपोर्ट में कई दबावों का जिक्र है. सबसे बड़ा मुद्दा अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हरेदी) समुदाय को सैन्य सेवा से छूट है.
लंबे समय से ये लोग धार्मिक पढ़ाई के नाम पर सेना में नहीं जाते, जबकि बाकी नागरिक बार-बार रिजर्व ड्यूटी पर जाते हैं. गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े लंबे युद्ध के बाद यह नाराजगी और बढ़ गई है. सैनिक थके हुए हैं, कई मनोवैज्ञानिक आघात के साथ घर लौट रहे हैं और कई के पास हथियार भी हैं.
खाने-पीने की महंगाई पिछले दो साल में 9.5 प्रतिशत बढ़ चुकी है, सैन्य खर्च आसमान छू रहा है और वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा भी बढ़ रही है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, जिससे संवैधानिक तनाव पैदा हो रहा है. 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव में सर्वे बताते हैं कि न तो नेतन्याहू का गुट और न ही विपक्ष आसानी से 61 सीटें पा रहा है. साफ बहुमत न निकलने की आशंका है.
CIA का रेड सेल जानबूझकर सबसे खराब परिदृश्य सोचता है. यह कोई भविष्यवाणी नहीं, बल्कि चेतावनी है. इजरायल ने पहले भी कई संकटों से उबरा है, लेकिन लंबे युद्ध, आर्थिक दबाव और समाज के अंदर का विभाजन इस बार अलग है. एक साधारण घटना जैसे चुनाव नतीजों पर विवाद या बड़े विरोध प्रदर्शन चिंगारी का काम कर सकती है.
इजरायल अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी है. अगर देश अंदरूनी रूप से कमजोर पड़ता है तो अमेरिका को और ज्यादा बोझ उठाना पड़ सकता है. 27 अक्टूबर का चुनाव इस चेतावनी की असली परीक्षा है. दुनिया इस चुनाव और उसके नतीजों पर नजर रखे हुए है.