झांसी-ललितपुर के बांध और वॉटरफॉल जैसे प्राकृतिक स्थल हमेशा से ही लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते आए हैं. बरसात के मौसम के शुरू होते ही यहां पिकनिक मनाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है. लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह स्थान युवाओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं. केवल दस दिनों के अंदर अंदर झांसी में आठ और ललितपुर में लगभग छह युवाओं ने अपनी जान गवा दी है. पिछले बारह घंटों में दो और युवाओं की जान चली गई है. यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसकी सबसे बड़ी वजह है इन लोगों की लापरवाही और सुरक्षा की कमी.
झांसी-ललितपुर और आसपास के मध्य प्रदेश के क्षेत्र में मौजूद ये डैम और वॉटरफॉल हर साल हजारों लोगों को अपनी ओर खींचते हैं. लोग यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने और पिकनिक मनाने आते हैं, लेकिन हाल ही में ये खूबसूरत स्थल युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. पर्याप्त सुरक्षा के अभाव में पिछले दस दिनों में झांसी में आठ और ललितपुर जिले में छह लोगों की जान जा चुकी है. मरने वालों में ज्यादातर युवा थे, जिन्होंने या तो यात्रा के दौरान हादसों का शिकार होकर अपनी जान गंवाई या फिर नहाने के दौरान लापरवाही बरती.
रविवार को पिकनिक मनाने गए एक युवक की कार झांसी-शिवपुरी मार्ग पर अचानक एक जानवर को बचाने की कोशिश में पलट गई. इस हादसे में दो युवकों की जान चली गई और पांच लोग घायल हो गए. पुलिस को जैसे ही दुर्घटना की सूचना मिली, उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी.
उन्नाव गेट, झांसी के रहने वाले 19 साल के चंदू खान, जो मोबाइल फोन रिपेयरिंग का काम करते थे, रविवार को अपने दोस्तों के साथ शिवपुरी वॉटरफॉल की ओर पिकनिक मनाने गए थे. उनके साथ उनके दोस्त मनीष राय, शनि कोस्टा, फरीदीन, विशाल यादव, अरुण, विकास, और एहसान खान भी थे. ये सभी लोग कार में सवार होकर झांसी से निकले थे.
दोपहर करीब 1:30 बजे, जब उनकी कार झांसी-शिवपुरी हाईवे पर काली पहाड़ी गांव के पास अलकनंदा होटल के पास पहुंची, तो अचानक जानवरों का एक झुंड सड़क पर आ गया. कार चालक ने जानवरों से टकराने से बचने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण खो बैठा. नतीजतन, कार सड़क पर पलट गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई. दुर्घटना में चंदू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी जान चली गई.
इस प्रकार, झांसी-ललितपुर के डैम और वॉटरफॉल पर पिकनिक के दौरान सुरक्षा का अभाव और लापरवाही के चलते कई युवाओं की जान जा रही है. यह समय है कि स्थानीय प्रशासन इन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करे और लोगों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके.