नई दिल्ली: असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें बांग्लादेश से जुड़े कट्टरपंथी संगठन से संबंधित 11 संदिग्धों को पकड़ा गया. ये गिरफ्तारियां असम के बारपेटा, चिरांग, बक्सा और दर्रांग जिलों तथा त्रिपुरा से की गईं.
ये लोग 'इमाम महमूदर काफिला' (आईएमके) नामक समूह से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) का एक हिस्सा है. आईएमके बांग्लादेश में सक्रिय है और पूर्वोत्तर भारत में अस्थिरता पैदा करने की फिराक में था.
जांच से पता चला है कि ये आरोपी 'पूर्वा आकाश' नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आपस में जुड़े थे. इस ग्रुप का इस्तेमाल कट्टरपंथी सामग्री फैलाने, नए सदस्यों की भर्ती करने और फंड जुटाने के लिए किया जा रहा था. संगठन की ओर से लिखी गई उग्र विचारधारा वाली किताबें और सामग्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर साझा की जा रही थीं.
पुलिस के अनुसार, अगस्त 2024 में बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद जेएमबी, अंसारुल्लाह बांग्ला टीम और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट के नेताओं ने आईएमके को भारत में अपना नेटवर्क मजबूत करने के निर्देश दिए थे. इसके तहत असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में लोगों को कट्टरपंथ की ओर धकेला जा रहा था.
कुछ आरोपी भारतीय पासपोर्ट धारक हैं और पहले बांग्लादेश जा चुके हैं. यह कार्रवाई पूर्वोत्तर में सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे क्षेत्र में संभावित खतरे को रोका गया है. जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की उम्मीद है.