राजकोट: अडाणी समूह ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है. इससे राज्य के प्रति समूह की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट होती है. यह जानकारी अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अडाणी ने रविवार को दी.
राजकोट में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे, करण अडाणी ने कहा कि यह निवेश भारत की उस वैश्विक सोच को दर्शाता है, जिसमें आर्थिक विकास, जलवायु जिम्मेदारी और ऊर्जा सुरक्षा एक साथ आगे बढ़ सकते हैं.

उन्होंने कहा कि गुजरात अडाणी समूह के लिए केवल निवेश का राज्य नहीं, बल्कि उसकी पूरी यात्रा की नींव है.
करण अडाणी ने कहा, “हमारे चेयरमैन गौतम अडाणी हमेशा मानते रहे हैं कि समूह की प्रगति देश की प्रगति से अलग नहीं हो सकती. गुजरात से ही हमारी यात्रा शुरू हुई और यहीं हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता भी केंद्रित है.”
उन्होंने आगे बताया कि इस मजबूत आधार पर आगे बढ़ते हुए अडाणी समूह कच्छ क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा. इसके साथ ही अगले 10 वर्षों में मुंद्रा बंदरगाह की क्षमता को दोगुना करने की भी योजना है.

गुजरात के प्रशासनिक मॉडल की सराहना करते हुए करण अडाणी ने कहा कि राज्य ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनने से पहले ही व्यवहार में उतार दिया था. तेज निर्णय प्रक्रिया, मजबूत संस्थाएं और उद्यम के प्रति सम्मान ने यहां विकास के अनुकूल वातावरण तैयार किया.
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी, आपके नेतृत्व में भारत ने न केवल पैमाने पर, बल्कि सोच के स्तर पर भी मूलभूत परिवर्तन देखा है. सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के माध्यम से गुजरात का यह मॉडल पूरे देश में विस्तारित हुआ.”
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन से पहले राजकोट में एक ट्रेड शो का उद्घाटन किया. इस सम्मेलन का उद्देश्य निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करना और भारत की आर्थिक विकास गाथा में गुजरात की भूमिका को और सशक्त करना है.