पुणे: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है. मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पॉलीग्राफ टेस्ट (लाइ डिटेक्टर टेस्ट) कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है.
सिया गोयल के वकील विपुल डुसिंग ने बताया कि 20 वर्षीय सिया ने लोनावाला ग्रामीण पुलिस को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए लिखित सहमति दी है. पुलिस अब दोनों आरोपियों का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है.
18 जून 2026 को केतन अग्रवाल (26) की पुणे के पास लोहागढ़ किले की करीब 400 मीटर गहरी खाई में धक्का देकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची. सिया की केतन से नवंबर 2026 में शादी तय थी और फरवरी में सगाई हुई थी. आरोप है कि शादी से बचने के लिए दोनों ने यह प्लान बनाया. दोनों आरोपी फिलहाल 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं.
क्यों जरूरी है पॉलीग्राफ टेस्ट?
इस मामले में पुलिस को कोई प्रत्यक्ष गवाह या घटनास्थल का CCTV फुटेज नहीं मिला है. आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल डेटा डिलीट कर दिए थे. ऐसे में पॉलीग्राफ टेस्ट से उनके बयानों की सच्चाई जांचने और नए सुराग मिलने की उम्मीद है.
पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजे अदालत में सीधे सबूत नहीं माने जाते, लेकिन जांच के महत्वपूर्ण टूल के रूप में इस्तेमाल होते हैं. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, ऐसे टेस्ट आरोपी की सहमति के बिना नहीं किए जा सकते. पुलिस अब टेस्ट की कानूनी प्रक्रिया पूरी करके जल्द ही इसे कराने वाली है.