| • रोमांचक मुकाबले में 16-14 अंक से दी यूपी टीम को शिकस्त • 10 मी. एयर राइफल मिक्सड टीम यूथ कैटेगरी में पहला मेडल • महाराष्ट्र की टीम ने कर्नाटक को 16-12 से हराकर जीता गोल्ड |
नई दिल्ली: डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पर चल रहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में बिहार की शूटर्स जोड़ी ने 10 मी. एयर राइफल मिक्सड टीम यूथ कैटेगरी में शुक्रवार को इतिहास रच दिया है. दिव्या श्री और रुद्र प्रताप सिंह की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उत्तर प्रदेश की अनन्या और अंश डबास की जोडी को 16-14 के बेहद रोमांचक मुकाबले में हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. यह जीत न केवल बिहार के खेल इतिहास में एक सुनहरा पन्ना जोड़ती है, बल्कि राज्य के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई उड़ान भी देती है.
मुकाबला रहा सांसें रोक देने वाला
10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम यूथ स्पर्धा में दोनों राज्यों की टीमें पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरीं. मुकाबले की शुरुआत से ही स्कोर बेहद करीबी रहा. पहले चार राउंड तक बिहार ने बढ़त बना ली थीं. जहां यूपी की ओर से अनन्या का प्रदर्शन तकनीकी रूप से सधा हुआ था, वहीं अंश शुरुआत में दबाव में दिखे. बिहार की ओर से दिव्या श्री का प्रदर्शन शुरू से ही बेहद स्थिर और प्रभावशाली रहा. पहले राउंड में उन्होंने 20.8 और फिर 20.3 और 20.5 का स्कोर दर्ज किया. उनकी निरंतरता ने टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई. रुद्र प्रताप ने चौथे राउंड से लय पकड़ी और 5वें से 15वें राउंड तक टीम को मजबूती से बनाए रखा.
अंतिम राउंड में रचा गया इतिहास
एक समय स्कोर 13-13 पर बराबरी पर था लेकिन 14वें राउंड में बिहार ने बढ़त बना ली. यूपी टीम ने 14वें राउंड में 20.9 का स्कोर किया जबकि बिहार टीम का स्कोर 21.0 रहा. इस प्रकार बिहार टीम को 2 अंक मिले और स्कोर 15-13 हो गया. 15वें और आखिरी राउंड में यूपी को बराबरी के लिए 2 अंकों की जरूरत थी, लेकिन दोनों टीमों ने 20.6-20.6 का बराबर स्कोर किया. इस वजह से दोनों टीमों को 1-1 अंक प्राप्त हुआ. और इस प्रकार बिहार टीम ने 16-14 से ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला जीत लिया. जैसे ही स्कोर स्क्रीन पर आया, बिहार टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ खुशी से झूम उठे.
कोच बोले- दिव्या और रुद्र ने उम्मीदों से बढ़कर किया प्रदर्शन
बिहार टीम के कोच ने मैच के बाद कहा, “यह जीत मेहनत, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता का नतीजा है. दिव्या और रुद्र ने जिस तरह दबाव में प्रदर्शन किया, वो काबिले तारीफ है. ये बिहार के शूटिंग स्पोर्ट्स के लिए एक नई शुरुआत है.”
बिहार टीम की जीत के मुख्य पहलू
बिहार टीम ने 21.6 का हाई स्कोर दागा. आखिरी 5 राउंड्स में बिहार टीम ने 9 पॉइंट्स जुटाए. इस जीत ने साफ कर दिया है कि बिहार के युवा शूटर्स सिर्फ प्रतिभावान ही नहीं हैं, बल्कि पदक की दौड़ में भी सबसे आगे हैं. राज्य सरकार और खेल संघों से उम्मीद है कि इस जीत के बाद शूटिंग को लेकर ज़मीनी स्तर पर और निवेश होगा.
गोल्ड महाराष्ट्र के नाम
फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र की शंभवी श्रवण क्षीरसागर और पार्थ राकेश माने की जोड़ी ने कर्नाटक की हृदया श्री कोंडूर और नारायण प्रणव वनीथा सुरेश की टीम को 16-12 के अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता. दोनों टीमों के बीच मुकाबला रोमांचक रहा लेकिन महाराष्ट्र की जोड़ी ने बेहतर संयम और सटीकता दिखाई.