नई दिल्ली : दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में एक बार फिर आतंकवादियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश की. शुक्रवार शाम कुलगाम के किलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर पहुंचे आतंकवादियों ने वहां काम कर रहे मजदूरों से पहले उनके नाम और पहचान पूछी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां मौजूद मजदूरों के समूह में से छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को अलग किया गया और फिर उन पर बेहद करीब से गोलियां बरसा दी गईं. इस हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
बताया जा रहा है कि घटना के समय ईंट-भट्ठे पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू सिर्फ यही दोनों मजदूर थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने पहचान के आधार पर उन्हें निशाना बनाया. सुरक्षा एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है.
यह हमला पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले की याद दिलाता है, जहां भी आतंकियों पर लोगों की पहचान पूछकर हमला करने के आरोप लगे थे. कुलगाम की घटना ने एक बार फिर घाटी में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह जम्मू-कश्मीर में पिछले 21 महीनों के दौरान प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला घातक आतंकी हमला भी बताया जा रहा है.
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने मृतक मजदूरों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है. वहीं, सुरक्षा बलों ने हमलावर आतंकियों की तलाश तेज कर दी है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.