नई दिल्ली: पटना में हाल ही में एक और दुखद घटना सामने आई है, जहां NEET की तैयारी कर रही एक युवा छात्रा की मौत हो गई. यह मामला 6 जनवरी 2026 को एग्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में हुआ. मृतक छात्रा की पहचान औरंगाबाद (बिहार) निवासी 15 वर्षीय अनामिका गुप्ता (उर्फ लक्ष्मी कुमारी) के रूप में हुई है.
हॉस्टल प्रशासन ने इसे आत्महत्या करार दिया, लेकिन छात्रा के पिता धर्मेंद्र कुमार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताया है और लव जिहाद की आशंका जताई है. पिता का मुख्य सवाल है कि लड़कियों के हॉस्टल में दो बाहरी युवक कैसे घुस आए, जबकि परिवारजनों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी.
घटना के दिन सुबह करीब 9:30 बजे पिता ने बेटी से फोन पर बात की थी. अनामिका खुश थी और नाश्ते में अंडे बनाने की बात कर रही थी. कोई परेशानी नहीं दिख रही थी. लेकिन दोपहर 1 बजे हॉस्टल मालिक ने सूचना दी कि छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. परिवार का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही शव को फंदे से उतारकर अस्पताल भेज दिया गया, जिससे सबूत मिटाने की कोशिश हुई. पिता ने कहा कि उनकी बेटी डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और हमेशा हंसती-खेलती रहती थी. अचानक आत्महत्या जैसी बात संभव नहीं लगती.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हॉस्टल में सख्त नियम थे, परिवार वाले भी कमरे में नहीं जा सकते थे, मिलने के लिए ऑफिस में बुलाया जाता था. फिर भी CCTV फुटेज में दो युवक मुसाहिद रजा और मुकर्रम रजा छात्रा के कमरे में शव को नीचे उतारते दिखे. पिता पूछते हैं कि ये बाहरी लोग अंदर कैसे पहुंचे? पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लिया, लेकिन एक को बाद में छोड़ दिया, जिस पर परिवार ने आपत्ति जताई.
दो मुस्लिम युवकों पर भी FIR
धर्मेंद्र कुमार ने इसे लव जिहाद के नाम पर हत्या करार दिया है. उन्होंने हॉस्टल मालिक विशाल अग्रवाल, रंजीत मिश्रा, वार्डन खुशबू कुमारी और अन्य के खिलाफ पटना के गांधी मैदान थाने में FIR दर्ज कराई है. इसमें मुसाहिद रजा (पूर्णिया जिले के चोचा गांव निवासी) और मुकर्रम रजा (पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के डालखोला क्षेत्र निवासी) को भी नामजद किया गया है.
शव पर घाव के निशान
परिवार का कहना है कि गर्दन पर फंदे जैसे निशान नहीं थे, बल्कि अन्य चोट के निशान मिले. हाथों पर खरोंच थीं. छात्रा का वजन सिर्फ 45 किलो था. अगर फांसी लगाई होती तो पंखे के ब्लेड मुड़ जाते, लेकिन वे बिल्कुल ठीक थे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई, लेकिन परिवार ने शुरुआती जांच पर सवाल उठाए हैं कि पुलिस जल्दबाजी में आत्महत्या बता रही है.
परिवार ने CBI स्तर की जांच की मांग की है और कहा है कि हॉस्टल प्रशासन की मिलीभगत से यह साजिश रची गई. यह घटना पटना में पहले से चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले के ठीक बाद सामने आई है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जांच अभी जारी है.