महोबा/हमीरपुर: पति से झगड़ा, थाने में दहेज का केस, जांच के लिए आए दरोगा से नजदीकी, दो साल का गैरकानूनी रिश्ता, शादी का दबाव और फिर एक खौफनाक हत्या. यह कोई फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के महोबा में हुई किरण देवी हत्याकांड की हकीकत है, जिसने सबको स्तब्ध कर दिया है. पीड़िता किरण देवी CRPF जवान विनोद सिंह की पत्नी थीं. शादी के कुछ समय बाद ही दांपत्य जीवन में खटास आ गई.
किरण ने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा ठोंक दिया. केस की जांच कबरई थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव को सौंपी गई. यहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे अवैध संबंध बन गए. पुलिस पूछताछ में आरोपी अंकित ने कबूला है कि करीब दो साल तक किरण के साथ उसके शारीरिक संबंध रहे. किरण उससे सच्चा प्यार करने लगी थी और बार-बार शादी के लिए दबाव डाल रही थी.
अंकित पहले तो टालता रहा, लेकिन जब दबाव असहनीय हो गया तो उसने किरण को जिंदगी से ही खत्म करने का प्लान बना लिया. 12 नवंबर की शाम अंकित ने एक परिचित से कार उधार ली और किरण को “घूमने चलें” कहकर बिठा लिया. रास्ते में सुनसान जगहों पर रुक-रुक कर उसने सेक्सवर्धक दवाएं खाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. इसके बाद दोनों के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ.
गुस्से में अंकित किरण को पास के खेत में ले गया, लोहे की रॉड से उसका सिर कुचल दिया और कपड़े उतारकर लाश वहीं फेंककर फरार हो गया. उसका मकसद था कि मामला बलात्कार के बाद हत्या का लगे और कोई उसे शक न करे. लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही शव की शिनाख्त की और तकनीकी जांच व सर्विलांस के जरिए सीधे अंकित यादव तक पहुंच गई. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार, खून से सनी लोहे की रॉड, दोनों के फोन की चैट और कॉल डिटेल व सेक्सवर्धक गोलियों का पैकेट बरामद कर लिए.
सभी ठोस सबूतों के आधार पर सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी अंकित ने किसी के साथ ऐसा घिनौना खेल खेला है. किरण की लाश खेत में नग्न हालत में मिली थी, और अब उसकी हत्या करने वाला कोई अनजान शख्स नहीं, बल्कि वर्दीधारी दरोगा निकला, जिससे वह बेइंतहा मोहब्बत करती थी. यह प्रेम कहानी शुरू हुई थी थाने से और खत्म हुई खून से सने खेत में.