पटना: बिहार में बड़े प्रशासनिक कदम के तहत सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद नौकरशाही और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. निलंबित किए गए अधिकारियों में योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा शामिल हैं. दोनों पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
मामला सामने आने के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे दर्ज किए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, एक कारोबारी रिशु श्री पर आरोप है कि उसने सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए अधिकारियों तक पहुंच बनाने और प्रभाव डालने के लिए विभिन्न प्रकार के खर्च उठाए.
जांच में यह भी सामने आया है कि जब योगेश कुमार सागर बुडको (BUIDCO) में प्रबंध निदेशक के पद पर थे, तब उनके परिवार की विदेश यात्राओं का खर्च कथित तौर पर इसी कारोबारी ने उठाया था. इन यात्राओं पर लगभग 22 लाख रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है. इसके बदले में टेंडर आवंटन में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं.
वहीं अभिलाषा कुमारी शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में मदद के बदले महंगे उपहार प्राप्त किए, जिनमें आईफोन और अन्य सुविधाएं शामिल बताई जा रही हैं. इसके अलावा उनके आवास पर रूफटॉप गार्डन तैयार कराने और परिजनों की यात्राओं का खर्च उठाने जैसे आरोप भी जांच में दर्ज हैं.
इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद मिले डिजिटल सबूतों, खासकर व्हाट्सएप चैट्स, ने जांच को और व्यापक बना दिया है. इन्हीं चैट्स के आधार पर बिहार राज्य चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र सिंह का नाम भी जांच के दायरे में आया है. स्पेशल विजिलेंस यूनिट अब इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, जिससे और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है.