पटना: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को वाम दलों के छात्र, किसान और मजदूर संगठनों के साथ नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्रों के आंदोलन में भारी बवाल हो गया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर भिड़ंत हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. कई छात्र-छात्राएं घायल और बेहोश हो गए. पटना ग्रामीण एसपी कोमल मीणा के सिर पर पत्थर लगा. गनीमत रही कि उन्होंने हेलमेट पहन रखा था.
विभिन्न वामपंथी संगठनों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर लोकभवन मार्च निकाला. यह मार्च गांधी मैदान से शुरू हुआ और करीब 5 घंटे की गहमागहमी के बाद डाकबंगला चौराहा पर बिखर गया. बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों ने भी इसमें हिस्सा लिया. इनके 80 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं और वे कुलपति को हटाने की मांग कर रहे हैं. लाठीचार्ज में ये छात्र ज्यादा घायल हुए.
सुबह से प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में जुटने लगे. पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग की, जिसे प्रदर्शनकारियों ने दोपहर 12:30 बजे तोड़ दिया और डाकबंगला की तरफ बढ़ गए. 12:50 बजे पुलिस ने वाटर कैनन चलाया. 1:15 बजे बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश पर लाठीचार्ज शुरू हो गया.
भीड़ से पत्थरबाजी हुई. एक पत्थर ग्रामीण एसपी कोमल मीणा के हेलमेट पर लगा. एक महिला पत्रकार भी घायल हुईं. पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला और बड़ी संख्या में हिरासत में लिया. करीब 3 बजे डाकबंगला पूरी तरह खाली करा दिया गया.
कई छात्र-छात्राएं बेहोश
लाठीचार्ज में नर्सिंग की एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई (उन्हें दिल की समस्या थी और सीने में लाठी लगी). एक छात्र एटीएम में घुसने के बाद बेहोश हो गया. एक छात्रा सड़क पर गिरकर बेहोश हो गई. कई अन्य को अस्पताल ले जाया गया. आंदोलन में अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय छात्र संघ, अखिल भारतीय नौजवान संघ, एटक समेत कई संगठन शामिल थे. मांगों में बाढ़ पीड़ितों को राहत-मुआवजा, नई उर्वरक नीति, शिक्षा नीति, महंगाई, बेरोजगारी और महिला आरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.