नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मालेगांव महानगरपालिका में मेयर और उपमेयर के चुनाव से ठीक पहले एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. यहां आमतौर पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले भाजपा और कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने हाथ मिला लिया है. इस घटना के तहत कांग्रेस के तीन पार्षदों और भाजपा के दो पार्षदों ने मिलकर कुल पांच सदस्यों का एक नया स्वतंत्र गुट बनाया है.
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इस गुट का नाम ‘भारत विकास आघाड़ी’ रखा गया है. इस नए समूह की कमान कांग्रेस के पार्षद एजाज बेग को सौंपी गई है, जबकि भाजपा के मदन गायकवाड़ को उपनेता बनाया गया है. 84 सदस्यों वाली इस महानगरपालिका में किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. चुनाव परिणामों के अनुसार, इस्लाम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है (करीब 35 सीटों के साथ), उसके बाद AIMIM (21 सीटें), शिवसेना (18 सीटें), समाजवादी पार्टी (5 सीटें) आदि हैं.
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कांग्रेस को 3 और भाजपा को मात्र 2 सीटें मिली थीं. लेकिन अब यह पांच सदस्यों वाला ‘भारत विकास आघाड़ी’ समूह किंगमेकर की भूमिका में आ गया है. इसका रुख तय करेगा कि मेयर और उपमेयर पद किसके खाते में जाएगा. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह गठबंधन मुख्य रूप से AIMIM या इस्लाम पार्टी को सत्ता से दूर रखने की रणनीति के तहत हुआ है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शहर के विकास और स्थिर प्रशासन के नाम पर बताया जा रहा है.
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यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है, खासकर तब जब राज्य स्तर पर दोनों दल एक-दूसरे के सख्त विरोधी हैं. इससे पहले भी अंबरनाथ जैसे कुछ अन्य स्थानीय निकायों में भाजपा-कांग्रेस के ऐसे असामान्य गठजोड़ देखे गए थे, लेकिन मालेगांव में यह कदम विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि यहां मुस्लिम बहुल आबादी है और AIMIM जैसी पार्टियां मजबूत स्थिति में हैं. अभी मेयर चुनाव की तारीख नजदीक है, और इस नए मोर्चे के कारण सत्ता की जोड़-तोड़ और तेज हो गई है. देखना होगा कि अंत में यह गठबंधन किसके पक्ष में जाता है और मालेगांव की सत्ता का समीकरण कैसे बनता है.