नई दिल्ली: क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन और अभिनेत्री मालती चाहर, जो बिग बॉस 19 में भी दिखीं और अनिल शर्मा की फिल्म 'जीनियस' से बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं, ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों के दौरान हुए कास्टिंग काउच के अनुभवों का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि नए कलाकार होने के नाते उन्हें कई अप्रिय स्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसमें एक वरिष्ठ निर्देशक की ओर से बदसलूकी और एक बुजुर्ग फिल्म निर्माता की तरफ से जबरदस्ती किस करने का प्रयास शामिल है.
मालती ने सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में कहा कि इन घटनाओं से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा और यह सब तब हुआ जब वे करियर की शुरुआत कर रही थीं. उनका मानना है कि इंडस्ट्री में कोई सचमुच अपना नहीं होता और ऐसे अनुभवों से उन्हें सतर्क रहना सिखाया.
उन्होंने बताया, “हां, एक-दो बार ऐसा हुआ है. मैंने पापा को भी बताया कि कुछ लोगोंने मौका तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई हद से आगे नहीं बढ़ा. यहां के लोग बहुत चालाक होते हैं, वे आपके स्वभाव को जल्दी समझ लेते हैं. कुछ ने अनुचित बातें कीं, एक ने तो बदतमीजी की, लेकिन ज्यादातर लोग बॉडी लैंग्वेज पढ़कर रुक जाते हैं. मेरे परिवार का बैकग्राउंड एयरफोर्स का है, इसलिए मेरी बातचीत में वह सख्ती झलकती है.”
सबसे चौंकाने वाली घटना एक प्रसिद्ध और उम्रदराज फिल्ममेकर के साथ हुई. मालती अक्सर एक प्रोजेक्ट के लिए उनसे मिलती थीं. काम खत्म होने पर उन्होंने साधारण साइड हग किया, लेकिन जवाब में उस निर्देशक ने उनके होंठों पर किस करने की कोशिश की. मालती ने कहा, “मैं स्तब्ध रह गई. समझ नहीं आया कि क्या हो गया. मैंने उन्हें तुरंत रोका और उसके बाद कभी नहीं मिली. मैं उन्हें पिता तुल्य मानती थी, इसलिए यह बहुत आघात पहुंचाने वाला था. इसने मुझे सिखाया कि किसी को भी इतना भरोसा नहीं करना चाहिए. मुझे बहुत क्रोध आया कि इतनी उम्र में भी कोई ऐसा व्यवहार कर सकता है.”
मालती ने आगे बताया कि जब लोग समझ जाते हैं कि आप समझौता नहीं करेंगी, तो वे काम देने से पीछे हट जाते हैं. “लुक टेस्ट पास होने के बाद भी लास्ट मिनट पर बिना वजह रिप्लेस कर दिया जाता है. मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ. लेकिन किसी ने कभी जबरदस्ती की हद पार नहीं की. लड़कियों के पास अपनी ताकत होती है – बस झुकना नहीं है. लड़के मौका जरूर मारेंगे, अपनी पोजिशन का फायदा उठाएंगे, लेकिन हमें मजबूत रहना पड़ता है. पापा ने भी कहा था कि अगर कुछ नहीं बन पड़े तो घर लौट आना, कुछ और न सोचना.”
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कास्टिंग डायरेक्टर्स ने उनके साथ कभी ऐसी कोशिश नहीं की क्योंकि उन्हें उनके बैकग्राउंड की जानकारी थी. शुरुआती दिनों में एक निर्देशक ने प्रयास किया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता क्योंकि लोग जानते हैं कि बात बिगड़ सकती है. ज्यादातर लोग सीधे नहीं कहते, सिर्फ इशारे करते हैं.
एक दक्षिण भारतीय निर्देशक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. मीटिंग के लिए उन्होंने होटल रूम नंबर भेजा और अकेले मिलने को कहा. मालती वहां गई ही नहीं. जब पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया, “रूम नंबर क्यों? मीटिंग चाहिए तो बाहर पब्लिक प्लेस पर मिलते.” निर्देशक ने कहा कि इंडस्ट्री में ऐसा ही चलता है, तो मालती ने जवाब दिया, “मुझे नहीं पता, आप समझा दीजिए.” मालती का मानना है कि सतर्कता और आत्मसम्मान ही नए कलाकारों को ऐसे हालातों से बचाता है.