Manipur Violence: एक साल से जलते मणिपुर की ज़िम्मेदारी कौन लेगा ? मणिपुर की हिंसा का अंत नज़र आने का नाम नहीं ले रहा. मणिपुर में महिलाओं के साथ की जा रही दरिंदगी सायद ही किसी से छुपी हो, ये वही मणिपुर है जहां एक महिला को नग्न करके सरेआम परेड करवा गया था, तब भी परसासन को मुँह खोलने मैं मौत आ रही थी, आखिरकार कब मोदी, योगी हिन्दू मुस्लिम से हट कर मणिपुर मणिपुर करेंगे , मणिपुर की हिंसा कि वजह किसी से छुपी नहीं लेकिन औरतों, बेटियों को देवी माँ माने जाने वाले देश में महिलाओं के साथ किये जाने वाले कुकर्म पर हिन्दू मुस्लिम विवादों पर सेहद में भिनकते मखियों की तरह पहुँचने वाले नेताओं की चुप्पी देश पर ठप्पा है.
वहीं एक बार फिर मणिपुर में महिला के साथ दरिदंगी और हत्या का मामला सामने आया है. जिरिबाम जिले के एक गांव में 31 साल की आदिवासी महिला के साथ पहले तो रेप किया गया और उसके बाद उसे ज़िंदा आग से जला दिया गया. महिला तीन बच्चों की मां थी. सुचना के मुताबिक गुरुवार को ही कुछ हथियारबंद लोगों ने घर पर हमला किया था. मृतक महिला के पति ने थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है. प्राथिमिकी के मुताबिक सांप्रदायिक और जातीय आधार पर यह हिंसा की गई है. शुक्रवार देर रात तक आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई थी. कहा जा रहा है कि आरोपी घाटी के ही रहने वाले हैं.
मणिपुर के जिरिबाम जिले से संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा बंधक बनाए गए एक परिवार के छह शव बरामद किए गए हैं. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है, जबकि पुलिस और सुरक्षा बल मामले की जांच में जुटे हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 13 नवंबर को तीन महिलाओं और तीन बच्चों, जिनमें आठ महीने का बच्चा भी शामिल था, को जिरिबाम के बोकोबेरा इलाके से बंधक बना लिया गया था. शुक्रवार रात असम के सिलचर स्थित शवगृह में एक महिला और दो बच्चों के शव लाए गए थे. शनिवार को तीन और शवों का पता चला, जिससे मृतकों की संख्या छह हो गई. हालांकि, इन शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.
प्रारंभिक जांच के अनुसार, शवों में फूलने के लक्षण पाए गए, जो decomposition का संकेत है. शवों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SMCH) में तैयार की जाएगी. यह प्रक्रिया जिरिबाम में सुविधाओं की कमी के कारण सिलचर में होती है.
घटना के बाद, परिवार के एक सदस्य, लइशराम हीरोजित, जो एक सरकारी कर्मचारी हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी, बच्चों, सास और सास की बहन को बंधक बना लिया गया था. उन्होंने बताया कि सोमवार को उनकी पत्नी से फोन पर बात हुई थी, जब गोलीबारी और आगजनी का सामना किया जा रहा था. बाद में उनका फोन बंद हो गया और जब वह वापस कॉल करने लगे तो उनका फोन भी स्विच ऑफ था.
इस बीच, जिरिबाम के बोकोबेरा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दस संदिग्ध कुकी उग्रवादी मारे गए थे. कुकी समुदाय ने आरोप लगाया है कि मुठभेड़ में मारे गए लोग "ग्राम स्वयंसेवक" थे, लेकिन पुलिस और CRPF ने इस आरोप को नकारा है.
वहीं, सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SMCH) के बाहर कुकी समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे मारे गए दस कुकी लोगों के शवों को सिलचर से मिजोरम ले जाने की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया.
मणिपुर में हिंसा के बाद कर्फ्यू और इंटरनेट सेवा निलंबित, विरोध प्रदर्शन जारी
मणिपुर के हिंसा प्रभावित इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है, जबकि सात जिलों में इंटरनेट सेवा को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम उस वक्त उठाया गया जब छह लोगों के शव जिरिबाम जिले में मिलने के बाद राज्य के घाटी क्षेत्रों में नए विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
यह छह लोग, जिनमें तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे, कथित तौर पर उग्रवादियों द्वारा अपहरण के बाद मारे गए। उनके शव शुक्रवार शाम को जिरिबाम जिले के जिरिमुख गांव के पास एक नदी के किनारे मिले थे।
इंफाल घाटी के विभिन्न इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं रिपोर्ट की गईं। प्रदर्शनकारियों ने कई विधायकों के घरों पर हमला किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इनमें सापम निशिकांत सिंह और आरके इमो के घरों पर हमला शामिल है, जहां गेट और बंकरों को नष्ट कर दिया गया और फर्नीचर जलाया गया।

सरकार और पुलिस प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं, और मामले की आगे की जांच जारी है.