Crime News: आंध्र प्रदेश के एक किराए के फ्लैट के बंद दरवाजे के पीछे क्रूर अपराध घटित हुआ. बाहर किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अंदर क्या हो रहा है. 30 वर्षीय भारतीय नौसेना तकनीशियन चिंताडा रविंद्र पर अपने प्रेमिका की हत्या करने और शव को काटकर हर निशान मिटाने का आरोप है. पूरा मामला आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम का है.
घातक साबित हुई मुलाकात
इंस डेगा में तैनात रविंद्र पिछले करीब दो साल से गजुवाका में किराएदार के रूप में रह रहा था. रविवार को दोपहर में उसने 28 वर्षीय पोलिपल्ली मौनिका को अपने फ्लैट पर बुलाया. दोनों की मुलाकात 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. समय के साथ उनकी रिश्ता गहराता गया और शहर भर में अक्सर मुलाकातें होने लगी थीं. लेकिन उस दोपहर सब कुछ टूट गया.
पुलिस के अनुसार, मौनिका के पहुंचते ही दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया. पुलिस का कहना है कि मौनिका पर रविंद्र से 3.5 लाख रुपए लेने और उनके रिश्ते की जानकारी उसकी पत्नी को बताने की धमकी देने का आरोप था. यह विवाद तेजी से बढ़ा.
फ्लैट के अंदर यह बहस हिंसक रूप ले ली. जब यह खत्म हुई, तब तक मौनिका मर चुकी थी. जांचकर्ताओं के अनुसार, रविंद्र ने कथित तौर पर उसे दबाकर मार डाला.
योजना बनाई, फिर अंजाम दिया
जांचकर्ताओं को सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि हत्या से पहले और बाद में क्या हुआ. पुलिस ने बताया कि रविंद्र पहले श्रीनगर के एक स्टोर पर चाकू ढूंढने गया था. जब उसे वहां जरूरी चाकू नहीं मिले, तो उसने उन्हें ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया. फ्लैट के अंदर जो हुआ, उसने अनुभवी पुलिस अधिकारियों को भी हिला दिया.
रविंद्र ने कथित तौर पर शव को तीन टुकड़ों में काट दिया. एक हिस्सा फ्रिज (रेफ्रिजरेटर) के अंदर रख दिया. दूसरा हिस्सा बोरे (गन्नी का थैला) में पैक करके बिस्तर के नीचे छिपा दिया. तीसरा हिस्सा, जिसमें सिर और हाथ थे, को अदाविवरम के पास एक सुनसान जगह ले जाकर जलाया गया. बाहर से फ्लैट पूरी तरह सामान्य नजर आ रहा था. पड़ोसियों ने बाद में बताया कि अजीब सी शांति थी. एक निवासी ने कहा कि कुछ भी असामान्य नहीं लगा. कोई आवाज नहीं, कुछ नहीं.
खाली घर, छिपा हुआ अपराध
पुलिस के अनुसार, रविंद्र की पत्नी ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया था और वह अपने माता-पिता के घर पर थी. घर खाली होने के कारण उसने मौनिका को बुलाया था. हत्या के कई घंटों तक अपराध पूरी तरह छिपा रहा. बाहर से आवासीय इमारत पूरी तरह सामान्य दिख रही थी. लेकिन अंदर सबूत मौजूद थे.
वो फोन कॉल जिसने सब खत्म कर दिया
अपने किए का सबूत छिपाने की कोशिश करने के बाद रविंद्र भागा नहीं. बल्कि उसने एक फोन कॉल किया. उसने अपने एक दोस्त को फोन किया. उसी बातचीत ने सब कुछ उजागर कर दिया. दोस्त की सलाह पर रविंद्र गजुवाका पुलिस स्टेशन में खुद ही आत्मसमर्पण करने चला गया और उसने हत्या की बात कबूल कर ली. पुलिस ने घटना स्थल पर हुंचकर शव के अवशेष और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए. उधर मौनिका घर वालों का बुरा हाल है.
उसके परिवार के लिए यह नुकसान बेहद दर्दनाक है. पड़ोसियों के लिए सदमा अभी भी बना हुआ है. जांचकर्ताओं के लिए यह मामला कई परेशान करने वाले सवाल खड़े करता है कि कैसे एक रिश्ता इतनी जल्दी कुछ ऐसा बन गया जो वापस नहीं लाया जा सकता. एक अधिकारी ने धीरे से कहा कि यह सिर्फ हत्या नहीं थी. उसके बाद जो हुआ, वह और भी भयानक था.