Salman Khan Film Matrubhoomi: सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि' की कहानी गलवान वैली की घटना से प्रेरित है, लेकिन इसमें चीन का नाम कहीं नहीं लिया जाएगा. 2020 में गलवान में हुई हिंसक झड़प के आधार पर यह फिल्म बन रही थी. शुरू में इसका नाम Battle of Galwan रखा गया था, जिसे बाद में बदलकर Maatrubhumi कर दिया गया. अब फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान रक्षा मंत्रालय ने निर्माताओं से साफ कहा है कि फिल्म में पड़ोसी देश का जिक्र न किया जाए.
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की सलाह पर फिल्म की कहानी में काफी बदलाव किए गए हैं. लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दोबारा शूट किया गया, जिसमें रोमांटिक सीन और किरदारों की बैकस्टोरी जैसी चीजें जोड़ी गईं. नया वर्जन तैयार करके मंत्रालय को भेजा भी गया था, लेकिन अब भी कुछ आपत्तियां बाकी हैं.
रक्षा मंत्रालय का तर्क है कि दोनों देशों के बीच संबंध अब पहले से बेहतर हो रहे हैं. ऐसे में इस फिल्म के जरिए पुरानी घटना को दोबारा उछालने से स्थिति बिगड़ सकती है. चीन की तरफ से भी पिछले साल इस प्रोजेक्ट की काफी आलोचना हुई थी.
मेकर्स को पहले ही सलाह दी गई थी कि फिल्म में उस पड़ोसी देश का नाम न लिया जाए. नए वर्जन में नाम तो हटा दिया गया है, लेकिन फिल्म की कोर टीम के लोगों का कहना है कि बिना नाम लिए भी उस देश को कहानी में दिखाया गया है. पहले फिल्म को 15 मई के आसपास रिलीज करने की योजना थी, लेकिन मंत्रालय की आपत्तियों के कारण रिलीज अब जून में टल गई है.
सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि अगर फिल्म गलवान झड़प से प्रेरित है, तो उसमें मुख्य विरोधी पक्ष का जिक्र न करना कितना उचित है. खासकर सलमान खान जिस किरदार में हैं (कर्नल संतोष बाबू की शहादत पर आधारित), उनकी बहादुरी और बलिदान को बिना असली दुश्मन के नाम लिए कैसे दिखाया जाएगा. लोग मजाक में पूछ रहे हैं कि क्या एलियंस से लड़ाई दिखाई जाएगी? कुल मिलाकर, फिल्म की कहानी अब काफी बदल चुकी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि मेकर्स इन बदलावों को स्क्रीन पर किस तरह तर्कसंगत तरीके से पेश करते हैं.