मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रेलवे को चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के अंदर दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को फिर से दादर स्टेशन से शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे और उत्तर प्रदेश-बिहार जाने वाली ट्रेनों को रोक देंगे. मनसे का आरोप है कि रेलवे उत्तर भारतीय यात्रियों को ज्यादा महत्व दे रही है, जिसकी वजह से कोंकण क्षेत्र के स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है. पार्टी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को रेलवे अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा भी की.
रेलवे का आया जवाब
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने मनसे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोंकण क्षेत्र की ट्रेन सेवाओं में कोई कमी नहीं आई है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोंकण रूट पर अप और डाउन मिलाकर रोजाना कुल 92 ट्रेनें नियमित रूप से चल रही हैं.
रेलवे ने ट्रेनों की संख्या का विस्तृत ब्योरा भी दिया:
रेलवे ने स्पष्ट किया कि दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को 2021 में ही परिचालन कारणों से दादर से दिवा स्टेशन शिफ्ट कर दिया गया था. जब यह ट्रेन दादर से चलती थी तो दिवा स्टेशन पार करने में 5वीं और 6वीं लाइन का इस्तेमाल करना पड़ता था. शाम के पीक आवर में इस प्रक्रिया में 11-12 मिनट का अतिरिक्त समय लग जाता था, जिससे मुंबई डिवीजन की लोकल ट्रेनों की समयबद्धता बुरी तरह प्रभावित होती थी.
ट्रेन को दिवा शिफ्ट करने के बाद लगभग 6 लोकल ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर पड़ने वाला असर खत्म हो गया है. रेलवे का कहना है कि कोंकण के यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त ट्रेनें उपलब्ध हैं और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवाएं चलाई जा रही हैं.