नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और तमिलनाडु में DMK की चुनावी हार के बाद मोदी सरकार ने एक राष्ट्र एक चुनाव (ONOE) और नए परिसीमन बिल को लेकर नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है. मीडिया को सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इन दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने की तैयारी में जुटी है. अप्रैल में संसद में परिसीमन बिल पेश किए जाने पर विपक्ष (कांग्रेस, TMC, DMK समेत INDIA गठबंधन) के 230 सांसदों ने इसका पुरजोर विरोध किया था. अब भाजपा नए सिरे से प्लानिंग कर रही है.
ONOE पर भी प्रगति
संसदीय समिति एक देश एक चुनाव विधेयक की समीक्षा कर रही है. जेपीसी चेयरमैन पीपी चौधरी के अनुसार, रिपोर्ट जल्द तैयार हो जाएगी. सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर विचार कर रही है. विपक्ष का कहना है कि महिलाओं के आरक्षण को सीट बढ़ाने के विवादास्पद मुद्दे से जोड़ा गया है. साथ ही दक्षिण vs उत्तर भारत का सवाल भी उठाया जा रहा है.
DMK के एक बड़े नेता ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु के हित और सीटों की सुरक्षा को देखकर फैसला लेगी. यह घटनाक्रम 2027 के विधानसभा चुनावों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात आदि) और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.