नई दिल्ली : पेट्रोल और डिजल बचाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील किया है. अपील के बाद खुद का काफिला कम कर लिया. एसपीजी का काफिला हटते ही मोदी के दुश्मन एक्टिव हो गए. RAW के सिंघम अधिकारी का दावा हैरान कर देगा. भारत में मोदी के काफिले में सिर्फ 2 गाड़ियां चलने का वीडियो खूब वायरल हुआ. SPG का घेरा मतलब दुनिया का सबसे सुरक्षित घेरा, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री कई बार अपनी मर्जी से एसपीजी की ब्लू बुक के नियम ही बदल देते हैं.
RAW और SPG मिलकर देश के प्रधानमंत्री की रक्षा करती हैं. RAW दुश्मनों के इनपुट जुटाती है, SPG दुश्मनों को रोकने के लिए कई लेयर की सिक्योरिटी तैयार करती है. अब SPG की वो सिक्योरिटी लेयर कम हो गई. पिछले 25 सालों से एक मौके की तलाश में मोदी के हज़ारों दुश्मन बैठे हैं, कई बार दुश्मन उनके करीब भी पहुंच गए लेकिन SPG के रहते कोई बाल बांका नहीं कर पाया.
RAW चीफ रह चुके सामंत कुमार गोयल का दावा है कि एक ग़लत कदम दुश्मन को मौका दे सकता है, सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी तरह की ढील देना देश के प्रधानमंत्री के लिए जोखिम भरा हो सकता है, उनकी जान लेने के लिए दुश्मन देश सक्रिय हो सकते हैं. ट्रंप की तरह मोदी पर भी निशाना साधा जा सकता है.
दुनिया भर में ड्रोन और स्नाइपर गन के खतरे बढ़े हैं, इसी पैटर्न पर ट्रंप की जान लेने की कोशिश हुई.
मोदी की सुरक्षा में तैनात SPG कमांडो 01 मिनट में 850 राउंड फायर कर दुश्मन को ढेर कर सकते हैं. SPG में करीब 4 हज़ार जवानों की भर्ती होती है, 24 धुरंधर SPG जवान साए की तरह सुरक्षा में तैनात थे. अब ये घेरा नहीं बचा, दो गाड़ियों का काफिला यानी आधा दर्जन से कम SPG जवान मोदी के साथ होंगे.
RAW के अधिकारी का दावा इसलिए हैरान करता है क्योंकि SPG के साथ चार लेयर की सिक्योरिटी होती है, जिसमें 24 कमांडो या उससे ज्यादा PM मोदी की पहली लेयर में रक्षा करते हैं, जबकि 9 हाईटेक गाड़ियों का काफिला होता था. एंबुलेंस और जैमर वाहन साथ चलते थे, हालांकि अब खुद PM मोदी ने सुरक्षा, काफिला और SPG कमांडो की संख्या कम कर दी है. जबकि, उन्हें भी पता है कि दुश्मन बस एक सेकंड के मौके की तलाश में हैं, PM के काफिले में चलने वाली डमी कार को भी हटा दिया गया. 100 से ज्यादा पुलिस जवानों का घेरा भी रास्ते पर अब नहीं दिखाई देगा, जो बेहद घातक साबित हो सकता है.
क्या देश के लिए PM ये भूल गए कि दुश्मनों की आंखों में नरेंद्र मोदी ढाई दशक से चुभ रहे हैं . क्या PM मोदी ने ट्रंप पर हुए लगातार दो हमलों को भी नज़रअंदाज़ करते ख़तरा मोल ले लिया. क्या PM मोदी ने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी वाली गलती दोहराने जैसा कदम उठा लिया है. एक बात बेहद परेशान कर रही है, भारत में PM मोदी दो गाड़ियों के काफिले के साथ निकलते हैं लेकिन दुबई के आसमान में सुरक्षा का घेरा ऐसा बनाया गया कि आसमान में भी निगरानी हो रही थी.
दुबई के एयरस्पेस में जैसे ही PM मोदी का विमान पहुंचता है, वैसे ही नया विमान उनके साथ उड़ता है, आसमान में नरेंद्र मोदी की सुरक्षा ऐसे हो रही है तो फिर ज़मीन पर सुरक्षा क्यों घटाई गई. सुरक्षा घटाने का फैसला PM मोदी का बेशक हो सकता है, लेकिन SPG पर कोई भी फैसला गृह मंत्रालय लेता है, गृह मंत्रालय को ये पता है कि PM मोदी के खिलाफ कैसी साज़िशें रची जाती हैं.=साल 1991 में राजीव गांधी को RAW के अधिकारियों ने चेताया था, सर आप तमिलनाडु में रैली मत कीजिए, लेकिन वो रैली में गए और वहां वही हुआ जो RAW ने कहा था, अब RAW के अधिकारी मोदी को चेता रहे हैं.