मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर में मुस्लिम समुदाय ने इस साल 21 अगस्त को हुए एक घटना के बाद ईद-ए-मिलादुन्नबी की जुलुस में हिस्सा नहीं लिया. इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जब तक निर्दोष लोगों को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे किसी भी त्यौहार को धूमधाम से नहीं मनाएंगे. दरअसल 21 अगस्त को मध्यप्रदेश के छत्तरपुर शहर के कोतवाली पुलिस थाने में पथराव की घटना हुई थी.
इसके बाद पुलिस ने 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसमें 46 लोगों के नाम शामिल किए गए. इस मामले में कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन कई अभी भी फरार हैं. छतरपुर के पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने कलेक्टर पार्थ जयसवाल से इन फरार आरोपियों को जिले से बाहर निकालने की मांग की है, क्योंकि इनमें से 6 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है.
इसी बीच मुस्लिम समुदाय ने सरकार और प्रशासन पर दबाव डालते हुए मांग की है कि 150 अज्ञात व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक की जाए, जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. साथ ही, उन्होंने मुंबई के रामगिरी महाराज को गिरफ्तार करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. साथ ही साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि इलाके में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं. समुदाय का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे अपने किसी भी धार्मिक पर्व को पूरी धूमधाम से नहीं मनाएंगे.
बता दें कि छतरपुर जिले में पुलिस पर पथराव कांड के बाद आज मुस्लिम समाज लोगों ने जुलूस नहीं निकाला. वहीं स्थानीय प्रशासन लगातार तीन दिन से मुस्लिम समाज के संपर्क में था, पर जुलूस निकालने को लेकर सहमति नहीं बनी. मुस्लिम समाज ने जुलूस छोड़कर अन्य सभी कार्यक्रम आयोजित किए. पूरे शहर में पुलिस तैनात रही और एसपी-कलेक्टर ने मुस्लिम समाज के मोहल्ले में पहुंचकर शुभकामनाएं दीं.