IAS Naresh Pal.Gangwar : केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त कर दिया है. उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की सब्सिडी योजना को लेकर उनका नाम सुर्खियों में रहा था. इस वजह से उनकी नई जिम्मेदारी पर भी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नरेश पाल गंगवार की पत्नी, पुत्र और माता को NHB की योजना के तहत करीब 1.16 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली थी. रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह राशि बागवानी परियोजनाओं, जिनमें खीरा उत्पादन भी शामिल था, के लिए स्वीकृत की गई. मामला सामने आने के बाद हितों के टकराव को लेकर सवाल उठे और विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब मांगा.
हालांकि, अब तक किसी अदालत या सरकारी जांच एजेंसी ने नरेश पाल गंगवार को इस मामले में दोषी नहीं ठहराया है. न ही यह घोषित किया गया है कि सब्सिडी नियमों का उल्लंघन करके ली गई थी. विवाद के बीच उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाए जाने के फैसले ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस अधिकारी का नाम सब्सिडी विवाद में चर्चा का विषय रहा हो, उसे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई. वहीं, सरकार की ओर से इस नियुक्ति को सामान्य प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा बताया गया है. फिलहाल, सब्सिडी से जुड़ा मामला सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है, लेकिन कानूनी रूप से नरेश पाल गंगवार के खिलाफ कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है.