नई दिल्ली : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है. अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान के बीच कई इलाकों से लगातार नुकसान की तस्वीरें सामने आ रही हैं.
बाढ़ के पानी और मलबे के तेज बहाव से करीब 42 किलोमीटर सड़क बह गई, जबकि कई पुल भी क्षतिग्रस्त या पूरी तरह टूट गए हैं. बड़ी संख्या में घर, इमारतें और वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए हैं. कई इलाकों का संपर्क देश के दूसरे हिस्सों से कट गया है.
इस आपदा का असर नेपाल से लगे तिब्बत के इलाकों में भी बताया जा रहा है. चीनी मीडिया के मुताबिक, तिब्बत के गियरोंग क्षेत्र में 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि 265 लोग लापता बताए जा रहे हैं.
सबसे बड़ी चिंता कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों को लेकर भी है. जानकारी के मुताबिक, यात्रा पर गए 400 से ज्यादा लोगों से संपर्क टूट गया है. उनके सुरक्षित होने को लेकर परिजनों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है.
बाढ़ की चपेट में बैंकिंग व्यवस्था भी आई है. रिपोर्टों के अनुसार 9 बैंक बह गए, जबकि 26 बैंक कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं. इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और जरूरी सेवाओं की चुनौती और बढ़ गई है.
इस मुश्किल घड़ी में भारत और चीन दोनों ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और सहायता भेजी है. अब प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाने की है. हालात सामान्य होने में अभी समय लग सकता है.