नई दिल्ली: मानसून के महीने में नई-नई बीमारियां हर साल आती हैं, लेकिन इस बार खास तौर पर दिल्ली-एनसीआर में जो बीमारी आई है, उसने सबको हिलाकर रख दिया है. बड़े-बड़े डॉक्टर्स परेशान हैं कि आखिर ये हो क्या रहा है, करीब हर पांचवें घर में से एक व्यक्ति बीमार है, कहीं कहीं तो पूरा घर बीमार है, दवा कितनी भी हार्ड हो जितनी देर असर रह रहा, उतनी ही देर बुखार उतर रहा है, बदन दर्द और जुकाम न जाने से लोग इस कदर परेशान हैं कि आनन-फानन में रिपोर्ट करवा रहे हैं, पर हैरानी तब हो रही है जब जांच रिपोर्ट में डेंगू, मलेरिया, टायफायड या कोई बड़ी बीमारी का संकेत नहीं मिल रहा, फिर ये बीमारी है कौन सी, जिसने लोगों को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बकायदा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश जारी कर कहा है, सतर्कता बढ़ाएं.
हेल्थ एक्सपर्ट का दावा
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह का दावा है लोगों को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन दिल्ली के अस्पतालों में जिस हिसाब से इसके मरीज बढ़े हैं, और कई घरों से लोगों की बीमार होने की ख़बरें सामने आई है, उसने सबकी चिंता बढ़ा दी है. परेशानी की बात उन लोगों के लिए है जो हर बात पर दवा खाते हैं, पर यहां उन्हें 7-10 दिन के बगैर आराम नहीं मिल रहा, अस्पताल में जाकर भर्ती होना इसका कोई खास विकल्प नहीं है, ऐसे में आपके आसपास अगर किसी को ये बीमारी होती है तो पहले उसे शुरुआती दवा देकर देखें, नहीं ठीक होने पर डॉक्टर के पास लेकर जाएं और घर पर कुछ नियमों का पालन करें.
चूंकि ये बीमारी 5 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ-साथ कमजोर इम्युनिटी वाले नौजवानों को भी निशाना बना रही है. इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले खुद के खाने-पीने का विशेष ख्याल रखें, बाहर खाने, पीने से बचें, चूंकि दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों में धुएं की वजह से पहले से ही लोगों के फेफड़े पर बुरा असर पड़ रहा है, ऐसे में स्मोकिंग की लत आपको ज्यादा बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए नशे से बचें, लोगों को डराएं नहीं बल्कि जागरूक बनाएं, उन्हें समझाएं कि कोविड के दौर में जैसे नियमों का पालन किया था, वैसे ही इस नए फ्लू के दौर में नियमों को मानना होगा, इस बीमारी से बचने के लिए घर पर आराम और लंबे वक्त तक सावधानी बेहद जरूरी है. सावधान रहें, बेहद सतर्क रहें.