एक लाइव वीडियो और जनता बोली योगी सर हॉस्पिटल पर बुलडोजर चलाओ!

Global Bharat 17 Sep 2024 02:27: PM 3 Mins
एक लाइव वीडियो और जनता बोली योगी सर हॉस्पिटल पर बुलडोजर चलाओ!

UP Bulldozer Action: क्या सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बुलडोजर इस बार सरकारी अस्पताल पर चलेगा क्योंकि जो वीडियो सामने आया है, वो काफी दंग करने वाला है. ये सीसीटीवी फुटेज कहां का है, ये आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले इतना समझिए कि आपका नवजन्मा बच्चा अगर इस अस्पताल में है तो सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यहां लेडी चोर का एक पूरा गैंग एक्टिव है. आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं, कैसे एक महिला जो साड़ी पहने हुए है, दबे पांव अस्पताल में घुसती हैं और वेटिलेंटर पर रखे बच्चे को गोद में उठाती है, थोड़ी दूर आगे बढ़कर उसके सिर पर गमछा या पल्लू ओढ़ाती है और उसके बाद तेजी से निकल जाती है.

उसी दौरान एक लड़की बाहर नजर आती है, लेकिन वो महिला के निकलने से पहले ही बगल के कमरे में घुस जाती है, क्या वो भी इस खेल में शामिल थे? इस सवाल पर आएंगे लेकिन उससे पहले देखिए ये महिला कैसे बच्चे को लेकर आसानी से बाहर चली जाती है, बाहर कहां जाती है, उसकी भी तस्वीरें आपको दिखाते हैं. सड़क पर निकलते ही एक बाइक पर सवार दो लोग दिखते हैं और उनके पीछे दो महिलाएं होती हैं, उन दो महिलाओं के साथ वो बच्चे को लेकर आसानी से चलने लगती है, ताकि कोई पकड़ न पाए लेकिन उसकी सारी चालाकी कैमरे में कैद हो जाती है.

उसके बाद शुरू होता है पकड़म-पकड़ाई का खेल. मामला बिहार के बेगूसराय (Begusarai government hospital child theft) के सरकारी अस्पताल से जुड़ा था, इसलिए समूचे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच जाता है, सीएम डॉ. प्रमोद कुमार नगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाते हैं, और शक के आधार पर पुलिस पहले उस अस्पताल के चाइल्ड यूनिट यानि स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट के गार्ड से पूछताछ करती है, और उसके बाद महिला गार्ड ज्योति मिश्रा जो बताती है, उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ जाते हैं, वो बताती हैं..वासुदेवपुर गांव की सुलेना देवी ने इसे अंजाम दिया है, बच्चे का सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ था, जिसे भगवानपुर की सीता देवी को देना था.

अब सवाल ये है कि क्या इंटरनेशनल गैंग से इनका कोई नाता है. कुछ साल पहले बिहार से एक ऐसे ही गिरोह को पकड़ा गया था, जिसमें पति-पत्नी मिलकर पूरा ग्रुप ऑपरेट कर रहे थे, विदेश तक से उनके तार जुड़े थे. इन्होंने बकायदा इसके लिए एक नर्सिंग स्कूल भी बनवा रखा था, जहां भोले-भाले बच्चों को कम फीस के लालच में फंसाते थे, और फिर वहां से गायब कर देते थे, बकायदा एक अस्पताल भी इन्होंने खोल रखा था, जहां से पूरा खेल ऐसे ही रचा जाता था, अस्पतालों में बच्चा बदलने की जो चर्चा अक्सर होती रहती है, वो भी ये ग्रुप करता था.

बीते 5 सालों में आए इतने मामले... 

साल 2017 में 63,349
साल 2018 में  67,134
साल 2019 में  73,138
साल 2020 में  59,262
साल 2021 में  77,535

ये सारे आंकड़े एनसीआरबी के हैं, और इसमें सबसे ज्यादा संख्या बेटियों की है, जिसका सीधा सा मतलब आप समझ सकते हैं कि कैसे पैसे के चक्कर में बड़ा खेल रचा जा रहा है. इंटरनेशनल बाजार में ये खेल इतना बड़ा है कि हजारों करोड़ रुपये भी कम पड़ जाएंगे, इनका गिरोह ठीक वैसे ही काम करता है, जैसे मुख्तार, अतीक और लॉरेंस के ग्रुप काम करते हैं, बिहार से लेकर यूपी और दिल्ली तक में कई ऐसे गिरोह एक्टिव हैं, जिन पर रोक नहीं लगी तो नवजातों की सुरक्षा खतरे में है. इसीलिए अब इस अस्पताल के नौकरशाहों की कुर्सी पर बुलडोजर की मांग उठने लगी है, योगी आदित्यनाथ के राज में ऐसा होता तो शायद अब तक उस सिक्योरिटी गार्ड के घर बुलडोजर पहुंच जाता, जिसे सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, लेकिन वही सुरक्षा में सेंध लगाने लगी.

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