पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में आम नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के सातवें निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान' (Ease of Living) के तहत अब सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर आमजन की शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने जनता के नाम अपने संदेश में कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के कुछ दिनों बाद ही 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है. इस कार्यक्रम के तहत 'सबका सम्मान-जीवन आसान' का मुख्य लक्ष्य नागरिकों की रोजमर्रा की कठिनाइयों को कम करना है.
अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते हैं, लेकिन अधिकारी अनुपस्थित रहने से उन्हें परेशानी होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए निम्नलिखित व्यवस्था लागू की गई है...
यह नई व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी. मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसके सख्ती से पालन का निर्देश दिया है. नीतीश कुमार ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य के आम नागरिकों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा, जिससे उनका जीवन और आसान बनेगा."
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने नागरिकों से इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं. यदि कोई विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो 10 जनवरी 2026 तक संबंधित माध्यमों से भेज सकते हैं. यह कदम बिहार सरकार की जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है.