पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हीरे की धरती ने एक बार फिर अपना जलवा दिखाया है. सरकारी खनन कंपनी NMDC को अपने मझवां डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट में 27.29 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है. कंपनी के अनुसार, यह पन्ना खदान से अब तक मिले सबसे अच्छी क्वालिटी वाले हीरों में दूसरा सबसे बड़ा हीरा है. यह खोज 15 सितंबर को हुई. इससे पहले जुलाई में इसी प्रोजेक्ट से 13.16 कैरेट का हीरा मिला था. नया हीरा वजन में उससे दोगुने से भी ज्यादा है, इसलिए इसे मझवां प्रोजेक्ट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
कीमत का अनुमान
खदान से निकलते ही किसी हीरे की अंतिम कीमत तय नहीं होती. नीलामी से पहले उसके वजन, रंग, साफ-सफाई, आकार और कट की जांच की जाती है. कुछ रिपोर्टों में 27.29 कैरेट के इस हीरे की संभावित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन यह सिर्फ प्रारंभिक अनुमान है. असली कीमत नीलामी के बाद ही तय होगी. पन्ना लंबे समय से भारत के प्राकृतिक हीरा क्षेत्रों में गिना जाता है.
NMDC ने 1960 के दशक में यहां हीरे की खोज शुरू की थी. 1970 के दशक की शुरुआत में मझवां में मशीनों की मदद से बड़े स्तर पर खनन शुरू हुआ. मझवां में स्थित पन्ना डायमंड प्रोजेक्ट NMDC की एकमात्र हीरा खनन परियोजना है और देश की एकमात्र मशीनीकृत डायमंड खदान मानी जाती है.
यहां हर साल करीब 84,000 कैरेट हीरे निकालने की क्षमता है. हीरे अलग करने के लिए हैवी मीडिया सेपरेशन और एक्स-रे सॉर्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. NMDC मुख्य रूप से लौह अयस्क उत्पादन के लिए जानी जाती है, लेकिन हीरा खनन में भी उसकी यह खोज चर्चा का विषय बन गई है. अब इस बेशकीमती हीरे की ग्रेडिंग और नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.