संभल: योगी आदित्यनाथ सरकार ने संभल हिंसा मामले में एक बार फिर सख्ती दिखाई है. 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगा दिया गया है. मोहम्मद वारिस को इस हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार, वह दुबई में छिपे शारिक साठा का गुर्गा है. आरोप है कि उसने हिंसा के दौरान अवैध हथियार मुहैया कराए और फायरिंग करवाई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी.
इससे पहले सरकार ने इस मामले में मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम पर भी NSA लगा चुकी है. वारिस को 25 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का दावा है कि शारिक साठा के इशारे पर इन तीनों ने हिंसा की साजिश रची थी.
सरकार ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब हिंसा की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने वाली है. एसआईटी ने मामले में 4,025 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क, जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली, मुल्ला अफरोज और मोहम्मद वारिस को नामजद आरोपी बनाया गया है.
24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इस घटना में कुल 12 मुकदमे दर्ज किए गए और अब तक 138 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. योगी सरकार की इस सख्त कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है.