हरियाणा के पलवल से सामने आई कुछ तस्वीरों ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि यहां अपराधियों ने दिनदहाड़े एक युवक को घेरकर हथौड़ों और डंडों से बेरहमी से पीटा, उसके हाथ-पैर तोड़ दिए और जाते-जाते धमकी देकर फरार हो गए। पीड़ित का नाम सिकंदर डागर बताया जा रहा है, जिसने अस्पताल के बेड से सीधे हरियाणा सरकार के खेल मंत्री गौरव गौतम का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बसंत विहार कॉलोनी निवासी सिकंदर डागर का कहना है कि वह सुबह करीब 7:45 बजे अपनी दुकान के लिए निकला था। अलावलपुर रेलवे फाटक के पास कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी रोक ली। हमलावरों के हाथ में हथौड़े, डंडे और अन्य हथियार थे। सिकंदर के मुताबिक सभी हमलावरों ने अपने चेहरे कपड़े से ढंके हुए थे।
पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने पहले उसे गाड़ी से बाहर खींचा और फिर हथौड़ों से हमला शुरू कर दिया। एक वार सीधे सिर पर किया गया, लेकिन उसने हाथ से सिर बचाने की कोशिश की, जिससे हाथ बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटा।
सिकंदर डागर का दावा है कि जाते-जाते हमलावरों ने धमकी दी कि अगर उसने मंत्री गौरव गौतम के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो डालना जारी रखा, तो अगली बार उसे और उसके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को करीब 8:30 बजे डायल 112 के जरिए सूचना दी गई। घायल सिकंदर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों हाथ और दोनों पैरों में फ्रैक्चर की पुष्टि की।
हमले के बीच सिकंदर ने दो लोगों को पहचानने का दावा भी किया है। उसने स्कूटी से आए हमलावरों के नाम बंटी एडवोकेट और प्रवीन बताए हैं। पुलिस ने मामले में BNS की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित सिकंदर डागर ने कैमरे के सामने कहा कि उसे पहले भी धमकियां मिल चुकी थीं। वहीं उसके पिता हेमराज डागर का आरोप है कि कुछ लोगों ने जिम में जाकर भी बेटे को चेतावनी दी थी कि मंत्री के खिलाफ वीडियो बनाना बंद करे।
हालांकि पुलिस की तरफ से अलग तस्वीर पेश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे कई CCTV कैमरे बंद मिले और स्थानीय लोगों ने भी स्पष्ट रूप से कुछ देखने से इनकार किया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर खुलेआम सड़क पर इस तरह हमला हो सकता है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग हरियाणा में भी “योगी मॉडल” जैसी सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।